
नई दिल्ली । दिल्ली में अब 1.20 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय (Annual family income) होने पर राशन कार्ड (Ration card) बनवा सकेंगे। ऐसे परिवारों को खाद्य सुरक्षा के दायरे लाया गया है। पहले यह आय सीमा एक लाख रुपये थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के प्रभावी और न्यायसंगत क्रियान्वयन की दिशा में यह कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि ‘पहले आओ-पहले पाओ’ की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब जिला स्तर पर प्राथमिकता तय होगी। इसके लिए जिला स्तरीय समिति गठित होगी। इसकी अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) या अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) करेंगे। समिति में स्थानीय विधायक और संबंधित अधिकारी शामिल होंगे।
यह समिति राशन कार्ड के आवेदनों की जांच, स्वीकृति और क्रमबद्ध प्राथमिकता तय करेगी। साथ ही, 20 फीसदी की वेटिंग लिस्ट भी बनाई जाएगी, जिससे रिक्तियों को समय पर भरा जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि राशन कार्ड बनवाने के लिए राजस्व विभाग की ओर से जारी आय प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया है।
जांच होने पर 8.27 लाख से ज्यादा स्थान हुए रिक्त
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षों से स्पष्ट नियमों के अभाव में भारी बैकलॉग बना हुआ था। सरकार ने खाद्य सुरक्षा प्रणाली डेटा की जांच की, जिसमें कई गड़बड़ियां पाई गईं। उस आधार पर उन लोगों को सूची से हटाया है जो हकदार नहीं थे। सत्यापन से पता चला कि 6 लाख 46 हजार 123 लाभार्थियों की आय जानकारी नियमों से मेल नहीं खाती। 23 हजार 394 लाभार्थियों का दोहराव पाया गया। 6185 मामलों में लाभ मृत लोगों के नाम पर दर्ज पाया गया। 95 हजार 682 लोग ऐसे थे जो लंबे समय से सिस्टम में थे, लेकिन लाभ नहीं ले रहे थे। जांच होने पर 56 हजार 372 लोगों ने खुद ही सिस्टम से बाहर होने का अनुरोध किया। इस प्रकार 8 लाख 27 हजार 756 से अधिक लाभार्थियों के लिए स्थान रिक्त हुए। इनके स्थान पर अब नए लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा।
मकान और कार वाले पात्र नहीं माने जाएंगे
नए नियमों के अनुसार ऐसे परिवार राशन कार्ड बनवाने के लिए पात्र नहीं होंगे जिनके पास दिल्ली में ए से ई श्रेणी की कॉलोनियों में संपत्ति है, जो आयकर देते हैं, जिनके पास चारपहिया वाहन है (रोजी-रोटी के लिए एक व्यावसायिक वाहन शामिल नहीं है), जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में है। जिनके घर में दो किलोवाट से अधिक का बिजली कनेक्शन होगा, वह भी अपात्र माने जाएंगे।
इंतजार में 11.65 लाख से ज्यादा लोग
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नौ वर्षों से स्पष्ट नियमों के अभाव में राष्ट्रीय राजधानी में 3 लाख 89 हजार 883 से अधिक आवेदन लंबित हैं और 11 लाख 65 हजार 965 से ज्यादा लोग खाद्य सुरक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब इन्हें रिक्त स्थानों पर पारदर्शी और जरूरत-आधारित प्रणाली के तहत लाभ मिल सकेगा।
कांग्रेस बोली, प्रक्रिया मुश्किल बना रही सरकार
दिल्ली कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार राशन कार्ड की प्रक्रिया मुश्किल बना रही है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने शनिवार को कहा कि राशन कार्ड जैसी सुविधा हर विधानसभा में उपलब्ध होनी चाहिए।
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