
शिवपुरी: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के लालगढ़, पिपरसमा, रायश्री और अन्य गांवों में अचानक हुई ओलावृष्टि ने किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया. खेतों में खड़ी फसल कुछ ही मिनटों में बर्बाद हो गई. ग्रामीणों के अनुसार करीब 50 ग्राम से ज्यादा वजन के ओले गिरे, जिससे सरसों, गेहूं, प्याज और टमाटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है.
दोपहर बाद मौसम अचानक बदला और तेज बारिश के साथ बड़े-बड़े ओले गिरने लगे. किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि करीब 15 से 20 मिनट तक चली, लेकिन इस थोड़े समय में खेतों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई. पक्की सरसों और गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई. जिन किसानों ने हाल ही में प्याज की रोपाई की थी उनकी क्यारियां भी बर्बाद हो गईं और टमाटर की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है.
खेतों में सरसों की फसल पूरी तरह गिर चुकी है. पौधों में दाने कम और पत्तियां ज्यादा दिखाई दे रही हैं, जिससे साफ है कि उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा. गेहूं की फसल भी ओलों की मार से झुक गई है, जिससे दाने भरने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. किसानों का कहना है कि इस समय फसल कटाई के करीब थी, ऐसे में नुकसान और भी ज्यादा हुआ है.
जिन किसानों ने कर्ज लेकर बीज और खाद डाली थी वे अब गहरे संकट में हैं. अधिकांश परिवार खेती पर ही निर्भर हैं और आय का दूसरा कोई साधन नहीं है. ओलावृष्टि के बाद खेतों में पानी और गिरे हुए पौधे देखकर किसान मायूस नजर आए. कई किसानों की आंखों में आंसू थे. उनका कहना है कि अगर समय रहते सरकारी मदद नहीं मिली तो बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च पर भी गहरा असर पड़ेगा.
प्रभावित किसानों ने सरकार से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है. ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि फसल बीमा योजना के तहत शीघ्र भुगतान किया जाए. किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा उनके बस में नहीं है, लेकिन सरकार की सहायता से वे दोबारा खड़े हो सकते हैं.
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