
चंडीगढ़ । पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Former Chief Minister Bhupinder Singh Hoodda) ने कहा कि हरियाणा की बीजेपी सरकार (Haryana’s BJP Government) हर मोर्चे पर विफल साबित हुई (Has failed on every Front) । कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में विधानसभा का घेराव किया। हाईकोर्ट चौक से विधानसभा तक निकाले गए इस रोष प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने एक हाथ में विभिन्न समस्याओं पर लिखी तख्तियां और दूसरे हाथ में झुनझुना लेकर नारेबाजी की। इस प्रतीकात्मक विरोध के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया कि हरियाणा की जनता तमाम गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, जबकि बीजेपी सरकार केवल झूठे वादों और खोखले दावों का झुनझुना बजाने में व्यस्त है। कांग्रेस विधायकों ने सरकार से इन सभी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्ष के नाते जनता के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक हर मंच पर उठाएगी। बीजेपी जितना अपनी जिम्मेदारी से भागेगी, कांग्रेस उतने पुरजोर तरीके से जनता की पैरवी करेगी। आखिकार सरकार को जवाबदेह बनना ही पड़ेगा।
पत्रकारों से बातचीत में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। कानून व्यवस्था से लेकर अर्थव्यवस्था तक, रोजगार से लेकर महंगाई तक, कृषि से लेकर शिक्षा तक, स्वास्थ्य से लेकर स्वच्छता तक, बीजेपी ने सभी क्षेत्रों में अपनी नाकामी और नकारेपन का परिचय दिया है। ये सरकार न किसानों को एमएसपी व मुआवजा दे पा रही है और न ही युवाओं को रोजगार दे रही है। न विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा दे पा रही है और न ही जनता को सुरक्षा दे रही है। जिस तरह प्रदेश में वारदातें और घोटाले हो रहे हैं, ऐसा लगता है कि यहां सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है। प्रदेश को घोटालेबाज और गैंगस्टर्स के हवाले छोड़ दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने बुजुर्गों की पेंशन काटने पर बोला कि अब सरकार 70 हजार पेंशन रिस्टोर करने का दाव कर रही है, जबकि पहले सरकार कह रही थी कि उसने किसी की पेंशन काटी ही नहीं। अगर काटी नहीं तो रिस्टोर क्यों की जा रही है? पेंशन के साथ साथ, चुनाव से पहले बनाए राशन कार्ड अब काटे जा रहे हैं, जो कि अपने आप में वोट चोरी है। हरियाणा में चुनाव के बाद करीब 14 लाख राशन कार्ड काटे गए हैं। अकेले अंबाला में 54 हजार राशन कार्ड काटे हैं।
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बुढ़ापा पेंशन को 200 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये किया था, यानी साढ़े 7 गुना की बढ़ोतरी की थी। वहीं भाजपा सरकार ने 11 साल में इसमें सिर्फ 2 गुना ही बढ़ोतरी की है। जबकि महंगाई तीन-चार गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि इस सरकार में किसानों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। अब खाद के कट्टे का वजन भी 50 से घटाकर 40 किलो किया गया है, जबकि रेट पहले जितना ही है। एमएसपी 24 फसलों पर देने का दावा भी झूठा है, हरियाणा में इतनी फसलें नहीं होतीं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से 2000 करोड़ से ज्यादा मुनाफा कमाया गया, लेकिन क्लेम नहीं मिलते, लोग बीमा छोड़ रहे हैं। अभी 10% तक मुआवजा नहीं दिया गया।
मनरेगा पर हुड्डा ने कहा कि मनरेगा कांग्रेस की क्रांतिकारी योजना थी। कांग्रेस सरकार के दौरान देश में सबसे ज्यादा मजदूरी हरियाणा में मजदूरों को दी जाती थी। लेकिन बीजेपी ने सत्ता में आते ही मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात किया। बीजेपी सत्ता में आते मनरेगा को कमजोर करने में जुट गई थी। कांग्रेस द्वारा संसद में पूछे गए सवाल के जवाब से पता चला कि हरियाणा में 8 लाख से अधिक मनरेगा मज़दूर पंजीकृत थे। लेकिन 2024-25 में सरकार ने सिर्फ 2100 परिवारों को ही 100 दिन का काम दिया। सरकार ने मजदूरों को ना को काम दिया और ना ही स्कीम में प्रावधान के तहत मुआवजा दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर महिलाओं के साथ इस सरकार ने धोखा किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में सभी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने का वादा किया गया था, लेकिन अब केवल चंद महिलाओं को ही यह राशि दी जा रही है। जबकि 2024-25 में हरियाणा में 2.13 करोड़ लोग बीपीएल श्रेणी में थे, यानी इस योजना का लाभ लगभग 85 लाख महिलाओं को मिलना चाहिए था। लेकिन वर्तमान में सरकार केवल 8 लाख महिलाओं को ही राशि देने की बात कर रही है। इतना ही नहीं, उसमें भी अब कहा जा रहा है कि महिलाओं को केवल 1100 रुपये मिलेंगे और 1000 रुपये जमा किए जाएंगे। इस पर भी आय की सीमा, बच्चों की शिक्षा तथा कुपोषण जैसी शर्तें थोप दी गई हैं। सरकार जानबूझकर ऐसी शर्तें लगा रही है, जिससे ज्यादातर महिलाएं स्वतः लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएं।
बाहरियों को नौकरी देने बारे पूछे गए सवाल के जवाब में हुड्डा ने कहा कि बीजेपी हरियाणवी युवाओं के भविष्य पर कुठाराघात कर रही है। देश में कोई भी ऐसा प्रदेश नहीं है, जो अपनी नौकरियों में स्थानीय युवाओं की बजाए, बाहरी लोगों को तरजीह देता हो। हरियाणा में तो आलम ये है कि बीजेपी सरकार 80 में से 78 पद अन्य राज्य के लोगों को दे देती है। यह नाकाबिले बर्दाश्त है। कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी। हुड्डा ने उदाहरण देते हुए कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद एचपीएससी पीजीटी कंप्यूटर साइंस की 1711 पदों की भर्ती का रिजल्ट आया, लेकिन सिर्फ 39 उम्मीदवार ही पास हुए, जबकि बाकी 1672 पद खाली रह जाएंगे। इससे पहले भी अनेक भर्तियों में पदों को खाली रखा गया है। एचपीएससी दरअसल, हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन की बजाय गैर-हरियाणवी पब्लिक सर्विस कमीशन बन गया है, क्योंकि ज्यादातर चयन बाहर के युवाओं का हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा के युवा यूपीएससी एवं अन्य बड़षाओं में इन्हें अयोग्य ठहरा रहा है। सवाल है कि क्या हरियाणा के युवा इतने अक्षम हैं कि वे भर्ती पेपर में पास होने जितने अंक भी नहीं ले पाए? हरियाणा के युवा आईएएस, आईपीएस बन रहे हैं। देश के सर्वोच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस हरियाणा से हैं। सब जगह हम अपने प्रदेश के गौरव में झंडे गाड़ रहे हैं, तो ऐसा क्यों है कि एचपीएससी की नजरों में वे फेल हैं? यह हैरानी की बात है कि हमारे हरियाणा के बच्चे जो कि नेट, जेआरएफ टॉपर हैं, जो यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडलिस्ट हैं और कई सालों से उच्च पदों पर नौकरियां कर रहे हैं, वे एचपीएससी के असिस्टेंट प्रोफेसर के एग्जाम में 35 प्रतिशत अंक तक नहीं ला पा रहे हैं।
हुड्डा ने बीजेपी सरकार द्वारा पहले भी कई भर्तियों में ऐसा खेल करने का जिक्र किया। पिछले दिनों अंग्रेजी असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में कुल 613 पोस्ट थीं, लेकिन इंटरव्यू के लिए सिर्फ 151 लोगों को बुलाया गया। यानी जनरल, एससी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस सभी की भर्तियों को ये सरकार खा गई। इससे पहले भी विभिन्न भर्तियों में बड़े पैमाने पर पद खाली रखे गए हैं, जैसे एचसीएस Ex बीआर की भर्ती में कुल 100 पदों में से केवल 61 भरे गए और 39 खाली रह गए। इसी तरह एडीओ एग्रीकल्चर की 600 पदों की भर्ती में सिर्फ 50 पद भरे गए, जबकि 550 पद खाली रह गए। पीजीटी म्यूजिक की 80 पदों की भर्ती में केवल 25 पद भरे गए और 55 खाली रह गए।
पीजीटी पोलिटिकल साइंस की 287 पदों में से 192 भरे गए और 95 खाली रह गए। लेक्चरर इलेक्ट्रिकल की 61 पदों में से 40 भरे गए और 21 खाली रह गए। लेक्चरर कंप्यूटर इंजीनियरिंग की 44 पदों में से 34 भरे गए और 10 खाली रह गए। लेक्चरर इंस्ट्रूमेंट की 17 पदों में से 8 भरे गए और 9 खाली रह गए। पीजीटी फिजिकल एजुकेशन एवं फाइन आर्ट्स की 1325 पदों की भर्ती में केवल 642 पद भरे गए, जबकि 683 पद खाली रह गए। हुड्डा ने मांग की कि एचपीएससी चेयरमैन को तुरंत बर्खास्त कर किसी हरियाणवी को चेयरमैन नियुक्त किया जाए। साथ ही, एचपीएससी को भंग करके तमाम भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
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