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भारत–बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट, BSF ने चिकन नेक में लगाई 12 फीट ऊंची स्मार्ट फेंसिंग

January 06, 2026

सिलीगुड़ी । पड़ोसी देश बांग्लादेश (Bangladesh) में जारी अशांति के बीच भारत–बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा (India-Bangladesh international border) पर हाई अलर्ट (High alert) है। इसी कड़ी में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण चिकन नेक (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) क्षेत्र में सीमा सुरक्षा को मजबूत करते हुए लगभग 75 प्रतिशत इलाके में नई डिजाइन की सीमा बाड़ (NDF) स्थापित कर दी है।

ट्रिब्यून ने बीएसएफ अधिकारियों के हवाले से लिखा कि 12 फीट ऊंची नई डिजाइन फेंसिंग को विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों में लगाया गया है। इस बाड़ की खासियत यह है कि इसे काटने में कई मिनट लगते हैं और इसकी ऊंचाई व संरचना के कारण इसे पार करना भी बेहद मुश्किल है। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था घुसपैठ की कोशिशों और मवेशी तस्करी जैसी घटनाओं में प्रभावी कमी लाने में मदद करेगी।

एक वरिष्ठ बीएसएफ अधिकारी ने बताया कि चिकन नेक क्षेत्र भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों की लाइफलाइन है, क्योंकि यही गलियारा शेष भारत को पूर्वोत्तर से जोड़ता है। इसी कारण यहां तकनीक और मानव संसाधन- दोनों के जरिए सुरक्षा को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। नई फेंसिंग के साथ-साथ सीमा पर पैन-टिल्ट-जूम (PTZ) कैमरे लगाए गए हैं, जो रियल-टाइम लाइव फीड प्रदान करते हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करते हैं। बीएसएफ इसे ‘स्मार्ट बॉर्डर’ की दिशा में बड़ा कदम मान रहा है।


  • अधिकारियों ने बताया कि एरिया डोमिनेशन प्लान में भी अहम बदलाव किए गए हैं। नए प्लान के तहत बीएसएफ उन इलाकों को निशाना बना रही है, जहां से मवेशियों को इकट्ठा कर सीमा के पास तस्करी के लिए लाया जाता है। इसके लिए बीएसएफ की टीमें आवश्यकता पड़ने पर भारतीय क्षेत्र के भीतर कई किलोमीटर तक जाकर छापेमारी करती हैं, ताकि तस्करी की कड़ी को जड़ से तोड़ा जा सके।

    सीमा पर अपराध रोकने के लिए बीएसएफ ने एक समुदाय-केंद्रित पहल भी शुरू की है। इसके तहत संदिग्ध तस्करों और ‘टाउट्स’ के घर जाकर उनके परिवारों को अवैध गतिविधियों के गंभीर परिणामों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे विश्वास-निर्माण उपायों से पिछले एक वर्ष में मवेशी तस्करी और मानव तस्करी की घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट आई है।

    हाल के महीनों में बीएसएफ ने अनजाने में भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले कई बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा और पूरा बैकग्राउंड जांचने के बाद उन्हें बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) को सौंपा। इस प्रक्रिया में उनके फिंगरप्रिंट और व्यक्तिगत विवरण साझा किए गए, ताकि किसी भी आपराधिक या राष्ट्र-विरोधी रिकॉर्ड की पुष्टि की जा सके।

    आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक बीएसएफ ने करीब 8.5 करोड़ रुपये मूल्य के मवेशी, सोना, चांदी, वन्यजीव उत्पाद, हथियार, गोला-बारूद और अन्य तस्करी के सामान जब्त किए हैं। इसी अवधि में 440 बांग्लादेशी (जिनमें तस्कर और टाउट्स शामिल हैं), 152 भारतीय, तथा 11 अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 187 बांग्लादेशी नागरिकों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद BGB को सौंप दिया गया।

    बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी फेंसिंग कवरेज बढ़ाने, तकनीकी निगरानी को और सशक्त करने तथा स्थानीय समुदाय के सहयोग से सीमा पर अपराधों के खिलाफ अभियान जारी रखा जाएगा, ताकि चिकन नेक क्षेत्र की सुरक्षा किसी भी सूरत में कमजोर न पड़े।

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