
इन्दौर। इस बार होली की तिथि को लेकर बहुत ही ज्यादा कंफ्यूजन और असमंजस की स्थिति चंद्र ग्रहण के चलते बनी हुई है। यह पहला मौका है, जब आज होली तो जलेगी, लेकिन धुलेंडी एक दिन छोडक़र 4 मार्च को शहर में मनाई जाएगी। शहर में चंद्र ग्रहण और भद्रा के चलते प्रदोषकाल में आज होलिका दहन किया जाएगा। सबसे पहले शहर की पारंपरिक होलकरकालीन सरकारी होली का दहन आज सायंकाल राजबाड़ा पर किया जाएगा। इसके पश्चात शहर की विभिन्न होलिका दहन समितियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र की होलियों का दहन किया जाएगा।
ज्योतिर्विदों के अनुसार रंग वाली होली-धुलेंडी अगले दिन 3 मार्च को नहीं, बल्कि 4 मार्च बुधवार को मनाना शास्त्रसम्मत होगा। पंचांगों के अनुसार आज फाल्गुनी पूर्णिमा शाम 5.56 बजे से शुरू होगी, जो अगले दिन 3 मार्च को शाम 5.07 बजे तक रहेगी। 3 मार्च को प्रदोषकाल पूर्णिमा तिथि में मान्य नहीं होगा। इस वजह से होलिका दहन आज 6.24 से 6.36 बजे तक करना श्रेष्ठ रहेगा। इसके अलावा भद्रा के पुच्छ में रात्रि 1.23 से 2.34 बजे तक भी दहन किया जा सकेगा। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण दोपहर बाद 3.20 बजे से लगेगा और समापन शाम 6.48 बजे होगा। यह ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। इसके चलते सूतककाल भी मान्य होगा। सूतक ग्रहण के नौ घंटे पहले लगता है। इसके चलते रंग वाली होली 4 मार्च को खेली जाएगी।
होलकर होली की परंपरा 300 साल पुरानी
इंदौर में 300 साल से चली आ रही होलकरकालीन होलिका दहन की परंपरा को निभाने राजपरिवार के सदस्य भी राजबाड़ा सायंकाल पर पहुंचेंगे। मल्हारी मार्तंड मंदिर के पुजारी लीलाधर वारकर ने बताया कि होलकरकालीन सरकारी होली का दहन आज प्रदोषकाल में ही पारंपरिक रूप से होगा। सरकारी होली के बाद ही शहर की अन्य होलियों का दहन होता है। हर बार की तरह इस बार भी गोबर के कंडों से पर्यावरण हितैषी होली राजबाड़ा पर जलाई जाएगी।
सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, दो दिन छुट्टी
इस बार होली पर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले रहेगी। उन्हें लगातार दो दिन का अवकाश मिलेगा। राज्य सरकार ने 3 मार्च को पहले से घोषित होली के अवकाश के अलावा 4 मार्च (बुधवार) को भी सामान्य अवकाश घोषित कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने रविवार शाम निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881 के तहत इसकी अधिसूचना जारी की। इससे प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों, निगम-मंडलों और बैंकों में भी 3 और 4 मार्च को अवकाश रहेगा।
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