वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका (Iran and America) के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। इस्लामाबाद में हुई वार्ता (talks in islamabad) बेनतीजा रहने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। इसी बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अमेरिकी जंगी जहाज को चेतावनी देकर पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, उसकी सेना ने अमेरिकी युद्धपोत को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर वह आगे बढ़ा तो हमला किया जाएगा। दावा है कि इसके बाद अमेरिकी नौसेना का जहाज क्षेत्र छोड़कर पीछे हट गया।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए वहां पहुंची थी। इस पर ईरान ने कड़ा ऐतराज जताते हुए जहाजों को दूर रहने की चेतावनी दी थी।
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, उसकी क्रूज मिसाइलें अमेरिकी विध्वंसक जहाजों को निशाना बनाने की स्थिति में थीं और हमलावर ड्रोन भी तैनात कर दिए गए थे। बताया गया कि अमेरिकी जहाजों को 30 मिनट के भीतर क्षेत्र खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया।
इस्लामाबाद में हुई लंबी वार्ता के बावजूद कोई समझौता नहीं हो सका। फिलहाल लागू दो हफ्तों का युद्धविराम अनिश्चितता में है और दोनों देश एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में सख्त कदम उठा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिए गए हैं कि वह समुद्री मार्गों की निगरानी बढ़ाए और संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई करे।
वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जेडी वेंस ने कहा कि समझौता न होने की बड़ी वजह ईरान का अपने परमाणु कार्यक्रम पर अडिग रहना है। अमेरिका चाहता है कि ईरान इसे पूरी तरह खत्म करे, जबकि तेहरान इस पर सहमत नहीं हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
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