
इंदौर। मध्य प्रदेश शासन ने कल कमर्शियल गैस सिलेंडरों के वितरण को लेकर पहली बार गाइडलाइन जारी की है। इसमें होटल रेस्टोरेंट और ढाबों को आपूर्ति का 25% सप्लाई किया जाएगा। नई नीति के तहत आज से ही गैस एजेंसियों द्वारा कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई शुरू किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से खाने पीने की इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश शासन की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी के साथ मध्य प्रदेश होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन सहित प्रमुख संगठनों ने बैठक की थी और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई बंद होने से आ रही परेशानी के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद सरकार ने अलग-अलग श्रेणी के आधार पर गैस सिलेंडरों की सप्लाई शुरू करने को लेकर कल आदेश जारी किए। इसमें पूर्व की तरह ही चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थाओं को आवश्यकता का 100% सिलेंडर दिए जाने के साथ ही होटलों को 9% रेस्टोरेंट और कैटरिंग को 9% और ढाबों व स्ट्रीट वेंडर्स को 7% सिलेंडर देने की बात कही है।
इंडस्ट्री को आपूर्ति का 25% मिलने से मिलेगी राहत – मध्य प्रदेश होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि आदेश जारी होने के बाद शुरुआत में कई तरह के कयास लगाया जा रहे थे। लेकिन जब उन्होंने उच्चाधिकारियों से इस संबंध में बात की तो स्पष्ट किया गया कि यह प्रतिशत आवंटन का है मांग का नहीं। यानी जितनी आपूर्ति गैस एजेंसियों को मिलेगी उसमें से कुल 25% होटल रेस्टोरेंट और ढाबों को वितरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 9 मार्च से ही सिलेंडरों का सप्लाई बंद है ऐसे में नई नीति के तहत आज से सप्लाई शुरू होगा और इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिलेगी। उम्मीद है कि इंडस्ट्री को उनकी मांग का अधिकांश हिस्सा मिलने लगेगा।
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी रखी थी मांग – मध्य प्रदेश में कमर्शियल सिलेंडरों का सप्लाई बंद होने की परेशानी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची थी। इसे लेकर नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया और फेडरेशन ऑफ़ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया ने भी अपर मुख्य सचिव शमी के साथ बैठक की थी। संगठन के दीपेश मोटवानी और श्रीकांत सिंह ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई बंद होने से कई रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं और कई बंद होने की स्थिति में आ चुके हैं। सप्लाई शुरू होने से रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के साथ ही आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
उद्योगों को सिर्फ 5 प्रतिशत – आदेश में फार्मा, पोल्ट्री, फूड प्रोसेसिंग सहित अन्य उद्योगों को सप्लाई का सिर्फ 5% देने की बात कही गई है। इससे औद्योगिक इकाइयों की परेशानी बनी रह सकती है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह आवंटन प्रतिशत सभी प्रमुख इंडस्ट्री और संगठनों की वर्तमान मांग के आधार पर ही तय किया गया है इससे किसी भी क्षेत्र में खास परेशानी नहीं होगी और लोगों को राहत मिलेगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved