
चंडीगढ़ । कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा (Congress MP Kumari Sailja) ने कहा कि रसोई गैस महंगी होने से (Due to increase in price of Cooking Gas) परिवारों का घरेलू बजट और बिगड़ जाएगा (Household Budget of families will deteriorate Further) । घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की बढ़ोतरी पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों से जनता पहले ही परेशान है।
सांसद ने कहा कि मात्र तीन महीने के भीतर दूसरी बार रसोई गैस के दाम बढ़ाए गए हैं। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों की आय उसी अनुपात में नहीं बढ़ रही, जिससे मध्यम वर्ग, गरीब और मेहनतकश परिवारों के लिए घर का खर्च चलाना दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि महंगाई पर नियंत्रण के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि ईंधन से लेकर रसोई तक हर क्षेत्र में जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। सरकार को आम आदमी को राहत देने के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में बढ़ती शिशु मृत्यु दर पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि किसी भी राज्य की प्रगति का वास्तविक पैमाना वहां के बच्चों और माताओं का स्वास्थ्य होता है। यदि नवजात शिशु सुरक्षित नहीं हैं तो विकास के बड़े-बड़े दावों का कोई अर्थ नहीं रह जाता।कुमारी सैलजा ने कहा कि हाल ही में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में शिशु मृत्यु दर बढ़कर प्रति हजार जीवित जन्म पर 24 तक पहुंच गई है। इसका अर्थ है कि प्रदेश में हर वर्ष हजारों बच्चे अपना पहला जन्मदिन मनाने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। पड़ोसी राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश तथा चंडीगढ़ की तुलना में हरियाणा की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है।
सांसद ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शिशु मृत्यु दर में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं, नवजात शिशु देखभाल केंद्रों, विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाना चाहिए। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की पक्षधर रही है। हर बच्चे को सुरक्षित जन्म और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य क्षेत्र में केवल घोषणाओं और प्रचार से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम भी दिखाई देने चाहिए।
सांसद ने राज्य सरकार से मांग की कि शिशु मृत्यु दर बढ़ने के कारणों की व्यापक समीक्षा कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि कोई भी परिवार अपने नवजात बच्चे को स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में न खोए। सरकार को इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना चाहिए।
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