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ईरान के हमलों में अमेरिकी सैनिकों की हुई मौत तो खत्म हो जाएगा युद्धविराम

June 04, 2026

वॉशिंगटन. वॉल स्ट्रीट जर्नल (Wall Street Journal) की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों (US officials) के हवाले से कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप ने निजी तौर पर अपने सहयोगियों से कहा है कि अगर तेहरान अमेरिकी सैनिकों (American soldiers) की मौत के लिए जिम्मेदार होता है तो वह ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) समाप्त करने के बारे में सोचेंगे। अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में जारी हिंसक झड़पों और तनाव के बावजूद हवाई हमलों में कई हफ्तों का विराम प्रभावी बना हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति का रुख ईरान के साथ व्यापक सैन्य संघर्ष को फिर से शुरू करने का नहीं है, भले ही झड़पें जारी हों। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि ट्रंप पश्चिम एशिया में व्यापक युद्ध का जोखिम उठाने के बजाय कुछ हफ्तों या महीनों तक छोटी-मोटी झड़पों को बर्दाश्त करने के लिए तैयार हो सकते हैं।


  • ओमान सागर में अमेरिकी युद्धपोत पर हमले के दावे को भी नकारा
    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने ओमान सागर में एक अमेरिकी सैन्य पोत को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह कार्रवाई अमेरिकी गतिविधियों और समुद्री नियमों के कथित उल्लंघन के जवाब में की गई। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को भी तुरंत खारिज कर दिया। अमेरिका का कहना है कि ईरान द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और अमेरिकी नौसेना के किसी पोत को नुकसान नहीं पहुंचा है।

    कुवैत एयरपोर्ट हमले को लेकर अमेरिका-ईरान आमने-सामने
    कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि एयरपोर्ट को नुकसान अमेरिकी मिसाइल इंटरसेप्टर के कारण हुआ।

    अमेरिकी सेना का कहना है कि यह दावा पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार, नागरिक हवाई अड्डे को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया था और यह सुनियोजित कार्रवाई थी। इस घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए गए हैं।

    लेबनान में युद्धविराम पर इस्राइल का सख्त रुख
    लेबनान सीमा पर जारी तनाव के बीच इस्राइल के सेना प्रमुख ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मौजूदा हालात को वास्तविक युद्धविराम नहीं माना जा सकता। उनका कहना है कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं और सैन्य सतर्कता पहले की तरह जारी है। इस्राइली सेना प्रमुख इयाल जामीर ने हाइफा स्थित नौसैनिक अड्डे के दौरे के दौरान यह टिप्पणी की। उनका बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की मध्यस्थता में इस्राइल और लेबनान के बीच वार्ता का नया दौर चल रहा है। हालांकि इन प्रयासों को लेबनान के शक्तिशाली संगठन हिजबुल्लाह का विरोध झेलना पड़ रहा है।

    ईरान युद्ध पर ट्रंप की शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव पारित
    अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य ईरान के साथ किसी भी संभावित युद्ध को रोकना और राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों पर नियंत्रण स्थापित करना है। यह प्रस्ताव 215 के मुकाबले 208 वोटों से पारित हुआ। इस दौरान कई रिपब्लिकन सांसदों ने अपनी पार्टी लाइन से हटकर डेमोक्रेट्स का समर्थन किया, जिससे इस मुद्दे पर बढ़ती राजनीतिक सहमति भी दिखाई दी। यह प्रस्ताव डेमोक्रेटिक सांसदों द्वारा लाया गया था, जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य हो। इसका सीधा असर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध संबंधी शक्तियों पर पड़ सकता है।

    ईरान ने अमेरिका पर लगाया सिस्टम फेल होने का आरोप
    खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए नुकसान को लेकर बड़ा बयान दिया है। आईआरजीसी ने किसी भी तरह की ईरानी भूमिका से इनकार करते हुए कहा है कि एयरपोर्ट पर हुआ नुकसान अमेरिकी निर्मित पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तकनीकी खराबी का नतीजा था। ईरान के सरकारी मीडिया के हवाले से जारी बयान में कहा गया कि कुवैत एयरपोर्ट पर हुई घटना को लेकर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं और इसका ईरानी हमले से कोई संबंध नहीं है।

    आईआरजीसी का यह बयान ऐसे समय आया है जब कुवैत ने हाल ही में अपने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुए हमले और नुकसान को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। कुवैत प्रशासन के अनुसार, इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए थे। हालांकि ईरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वास्तविक नुकसान किसी सैन्य कार्रवाई के कारण नहीं बल्कि तकनीकी प्रणाली की विफलता से हुआ।

    ईरानी पक्ष का दावा है कि अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण यह घटना हुई। इसके साथ ही ईरान ने इस पूरे मामले को राजनीतिक रूप से गलत तरीके से पेश किए जाने का आरोप भी लगाया है। इससे पहले भी खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल हमलों और ड्रोन गतिविधियों को लेकर ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बना हुआ है।

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