
रायसेन। बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने रायसेन जिले के ग्रामीण इलाकों की जीवनरेखा को ही तोड़ दिया है। बेगमगंज से सुल्तानगंज को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। सेमरी नदी पर पुल निर्माण के चलते बनाया गया अस्थायी रास्ता तेज बहाव में बह गया, जिससे करीब 50 गांव बाकी दुनिया से कट गए हैं।
लगातार बारिश के कारण सेमरी नदी उफान पर थी। निर्माणाधीन पुल के पास आवागमन के लिए डाला गया मिट्टी और बोल्डर का अस्थायी बायपास पानी का दबाव नहीं झेल सका और बह गया। सुबह होते-होते स्थिति साफ हो गई कि बेगमगंज, सुल्तानगंज और तुलसीपार के बीच का रास्ता पूरी तरह बंद है। इस मार्ग पर रोजाना स्कूल, मंडी, अस्पताल और जरूरी कामों के लिए सैकड़ों ग्रामीण आते-जाते हैं। संपर्क टूटते ही इन गांवों की दिनचर्या ठप पड़ गई। दूध, सब्जी और अन्य जरूरी सामान की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच जिले की दूसरी बड़ी नदी बारना का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। जिला प्रशासन का कहना है कि बायपास बहने से रस्ते में पानी भर गया है फिलहाल पानी का बहाव कम होने का इंतजार किया जा रहा है, ताकि वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा सके। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त अपील जारी की है। अधिकारियों ने कहा है कि उफनती नदी, डूबी पुलिया या बह चुके रास्तों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। थोड़ी सी जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है।
एसडीएम ने कहा, सेमरी का बहाव अभी बहुत तेज है। कुछ देर में पानी उतर जाएगा, तब तक धैर्य रखें। जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएंगे। राहत और बचाव दल तैयार हैं। मीडिया के माध्यम से भी लोगों तक यही संदेश पहुंचाया जा रहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी सूचना पर भरोसा करें। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने से फसल को भी नुकसान हो सकता है। स्थानीय लोग बताते हैं कि हर बरसात में यही समस्या आती है। अस्थायी रास्ते हर बार बह जाते हैं। फिलहाल प्रशासन की टीमें मौके पर डटी हैं। जब तक पानी उतर नहीं जाता, तब तक इन 50 गांवों के लिए इंतजार ही एकमात्र रास्ता है।
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