
इंदौर। कांग्रेस ने मांग की है कि जब स्मार्ट सिटी योजना बंद हो गई है तो फिर स्मार्ट सिटी के नाम पर ली जाने वाली दो प्रतिशत की स्टांप ड्यूटी को भी काम किया जाएं। इंदौर जिले की गाइडलाइन में गंदी बस्तियों के नाम घोषित करते हुए उनमें होने वाली रजिस्ट्री में 50 प्रतिशत की स्टांप ड्यूटी की छूट दी जाएं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने कल पंजीयन कार्यालय पर पहुंचकर वरिष्ठ जिला पंजीयन मंजू लता पटेल को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौपा। इस ज्ञापन में कहा गया कि जब केंद्र सरकार के द्वारा स्मार्ट सिटी योजना लागू की गई थी तो उस समय पर मध्य प्रदेश में सरकार के द्वारा स्मार्ट सिटी का विकास करने के लिए हर रजिस्ट्री पर दो प्रतिशत की अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी लेना शुरू किया गया था। स्मार्ट सिटी योजना अब बंद हो गई है। तो ऐसे में आवश्यक है कि यह जो अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी ली जा रही थी उसे भी समाप्त किया जाएं। इसके साथ ही कहा गया है कि पूर्व से राज्य सरकार का नियम है की गंदी बस्ती में होने वाली रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी में 50त्न की छूट दी जाएगी। इस नियम का पालन किया जाएं।
नए वित्त वर्ष के लिए जो गाइडलाइन तैयार की जा रही है उसमें गंदी बस्ती की सूची प्रकाशित की जाएं और जनता को बताया जाए कि यहां होने वाली रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी आधी ही लगेगी। यदि महिला के द्वारा कोई संपत्ति संयुक्त रूप से अपने पिता, भाई या पति के साथ मिलकर खरीदी जाती थीं तो उसे स्टांप ड्यूटी में छूट मिलती थी। अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इस व्यवस्था को फिर से लागू किया जाएं। इस मौके पर इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटु चौकसे, मुकेश यादव, महिला नेत्री किरण जिरेती, इंदिरा पुरोहित, प्रदीप शुक्ला, विनित ठाकुर मौजूद थे।
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