
इंदौर। बैटरी ऑटो रिक्शा चालक महासंघ की घोषणा के बावजूद शहर में शुक्रवार को हड़ताल का खास असर नहीं दिखा। सुबह से शहर के कई हिस्सों में ई-रिक्शा सामान्य रूप से चलते नजर आए। वहीं कई इलाकों में हड़ताल पर उतरे चालकों ने गाडिय़ां चलाने पर ई-रिक्शा चालकों को रोककर चाबियां छीन लीं और धमकाया। इससे कई जगह यात्रियों को असुविधा हुई।
7 सेक्टर और 10 हजार की वसूली का विरोध
महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इंदौर में बैटरी रिक्शा को 7 सेक्टर में बांटने के फैसले, आरटीओ में सिटी परमिट के नाम पर 10 हजार की वसूली और हजारों फर्जी परमिट जारी करने के विरोध में हड़ताल की गई है। उनका कहना है कि हम सेक्टर व्यवस्था के खिलाफ नहीं हैं, पर उत्तर-दक्षिण, पूर्व-पश्चिम जैसे 4 सेक्टर पर्याप्त हैं। 7 सेक्टर लागू होने से रिक्शा चालकों की कमाई घट जाएगी।
गांधी हॉल में प्रदर्शन और ज्ञापन
घोषणा के अनुसार शहर के ई-रिक्शा चालक बड़ा गणपति, हवा बंगला, देवास नाका, खजराना, विजयनगर, परदेशीपुरा, गौरी नगर, अरबिंदो और राजेंद्र नगर से रैलियां निकालकर करीब 11 बजे गांधी हॉल पहुंचेंगे। यहां धरना प्रदर्शन के बाद दोपहर 2 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम संभाग आयुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे।
ये हैं प्रमुख मांगें
7 के बजाए 4 सेक्टर तय किए जाएं
आरटीओ में परमिट के नाम पर वसूली बंद हो
दस्तावेज पूरे करने के लिए एक माह का समय दिया जाए
राजबाड़ा पर ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगाएं तो सिटी बस पर भी लगाएं
नशीले पदार्थ लेकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई
नाबालिग चालकों और बिना रजिस्ट्रेशन वाहनों पर सख्त कदम।
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