
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों का मामला अब राजनीतिक रूप से गरमाता जा रहा है। सोमवार को एनएसयूआई (NSUI) के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट चौराहे पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और अपना आक्रोश व्यक्त किया।
महापौर के पोस्टर पर फेंका गोबर
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध इतना उग्र था कि कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर चौराहे पर लगे महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पोस्टर पर सरेआम गोबर फेंक दिया। एनएसयूआई का आरोप है कि शहर के प्रथम नागरिक होने के नाते महापौर अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
भागीरथपुरा कांड: महापौर को ठहराया जिम्मेदार
NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने प्रदर्शन के दौरान सीधे तौर पर महापौर को घेरते हुए कहा कि “स्वच्छता में नंबर वन इंदौर में लोग सीवर का पानी पीकर मर रहे हैं। भागीरथपुरा में हुई मौतों के लिए सीधा जिम्मेदार महापौर और नगर निगम प्रशासन है। इन मासूम मौतों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए महापौर को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।”
वीडियो हुआ वायरल, पुलिस अलर्ट
प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कार्यकर्ता पोस्टर पर गोबर फेंकते और नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं। व्यस्त चौराहे पर हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में ड्रेनेज का पानी पीने की पाइपलाइन में मिलने के कारण 15 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इस घटना ने “नंबर 1 स्वच्छ शहर” के दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
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