वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान (US-Iran) के बीच एक बार फिर जंग शुरू होने की आशंका के बीच गुरुवार को स्थिति थोड़ी बेहतर होती दिखी। जहां अमेरिका (US) ने खाड़ी देशों में अपने अड्डों पर अलर्ट लेवल कम कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों में भी नरमी देखने को मिली। इस बीच अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान में खामेनेई शासन को लेकर बड़ा दावा किया है। वाइट हाउस के मुताबिक ईरान गुरुवार को 800 प्रदर्शनकारियों को फांसी पर लटकाने वाला था। वाइट हाउस ने कहा है कि ट्रंप के दबाव के बाद ईरान ने इन फांसी की सजाओं पर रोक लगा दी है। इससे पहले ट्रंप ने भी बुधवार को कहा था कि उन्हें बेहद महत्वपूर्ण सूत्रों से आश्वासन मिला है कि ईरान अब प्रदर्शनकारियों की फांसी की सजा को आगे नहीं बढ़ाएगा।
वाइट हाउस ने क्या कहा?
हालांकि अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई का इशारा देते हुए यह भी कहा है कि उसके पास अब भी सभी विकल्प खुले हैं। वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने एक बयान में कहा, “राष्ट्रपति को आज पता चला कि 800 फांसी की सजा जो कल होने वाली थी, उसे रोक दिया गया है।” उन्होंने कहा कि ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रही तो गंभीर परिणाम होंगे और इसलिए ईरान ने फांसी रोक दी है।
वहीं अमेरिका ने ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित हिंसक कार्रवाई करने और विदेशी बाजारों में तेल की बिक्री से होने वाली कमाई की हेराफेरी करने के आरोप में कई ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक संदेश में इन प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं। उन्होंने नए प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। ईरान के नेताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का जवाब सड़कों पर सामूहिक गोलीबारी से लेकर अस्पतालों और घायल पीड़ितों पर हमलों जैसी क्रूर हिंसा से दिया है।”
बेसेंट ने बताया कि वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय की ओर से 18 व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी शासन इन संस्थाओं का उपयोग तेल पर लगे प्रतिबंधों से बचने और इससे होने वाली आय को ईरानी जनता की हित के बजाय कहीं और करता है। प्रतिबंधों की सूची में ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी का नाम भी शामिल है।
इससे पहले ईरान की इस्लामिक सत्ता को चुनौती देने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शन गुरुवार को धीरे-धीरे शांत होते नजर आए। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस दौरान ईरान की कार्रवाई में कम से कम 3,428 लोग मारे जा चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।
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