
उज्जैन। पंचांग की गणना के अनुसार आठ साल बाद 2 मई से ज्येष्ठ अधिकमास का आरंभ होगा। पुरुषोत्तम मास में चौरासी महादेव, नौ नारायण व सप्त सागरों के दर्शन व पूजन की मान्यता है। इसके चलते देशभर से हजारों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे।
बता दें इससे पहले ज्येष्ठ अधिक मास का संयोग वर्ष 2018 में बना था। इस वर्ष ज्येष्ठ अधिक मास है। ऐसे में सिंहस्थ से पहले महाकुंभ जैसा नजारा दिखाई देगा। ज्येष्ठ मास का आरंभ 2 मई को तथा समापन 29 जून को रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार 2 से 16 मई तक ज्येष्ठा मास का प्रथम कृष्ण पक्ष रहेगा। 17 मई से 15 जून तक अधिकमास का पुण्य पर्वकाल रहेगा। इसी दौरान तीर्थाटन, स्नान,दान, कथा भागवत का श्रवण आदि का महत्व है। 16 से 29 जून तक ज्येष्ठा मास चौथा और आखिरी शुद्ध पखवाड़ा रहेगा। हर बार ज्येष्ठ अधिक मास 32 महीने 16 दिन तथा चार घड़ी के बाद बनता है।
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