
इंदौर, राजेश ज्वेल। यह पहला मौका नहीं है जब इंदौर की क्रिकेट प्रेमी जनता को एमपीसीए ने टिकटों के मामले में मूर्ख बनाया हो। पूर्व के क्रिकेट मैचों मेंऑनलाइन टिकट बिक्री में घोटाले किए गए, जिसका अग्रिबाण ने भी मय प्रमाण प्रकाशन किया और क्राइम ब्रांच ने भी इस मामले की जांच की थी। मगर चूंकि रसूखदारों की संस्था है, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इस बार भी 18 जनवरी को भारत-न्यूजीलैंड के बीच जो वनडे सीरिज का मुकाबला इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाना है उसके टिकट अभी शनिवार के दिन सुबह 5 बजे से ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध कराने का दावा किया गया और महज 5 मिनट में ही सारे टिकट हो गए सोल्ड और जनता फिर हुई क्लीन बोल्ड। जिन साइटों पर ये टिकट बेची जा रही थी, उन पर सोल्ड आउट के मैसेज मोबाइल-लैपटॉप की स्क्रीन पर दिखने लगे।
अभी 11 जनवरी से न्यूजीलैंड का भारत दौरा शुरू हो रहा है, जिसमें 3 वन-डे और 5 टी-20 मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी, जिसमें शुरुआत के तीन वनडे 11 जनवरी को बड़ौदा और दूसरा मकर सक्रांति 14 जनवरी राजकोट में और तीसरा वनडे 18 जनवरी को इंदौर में खेला जाना है। इसके बाद पांच टी-ट्वेंटी मैचों की श्रंृखला खेली जाएगी, जिसमें 21 जनवरी को नागपुर, 23 को रायपुर, 25 को गुवाहााटी, 28 जनवरी को वाइजैक और 31 जनवरी को त्रिवेंद्रम में होगा। लम्बे समय बाद इंदौर में ये वन-डे मैच हो रहा है। हालांकि इसके पूर्व महिला क्रिकेट मैच भी हुए थे।
हालांकि इसके टिकट तो आसानी से मिल गए थे, मगर इंदौर में क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह रहता है और हर बार टिकटों की मारामारी, ब्लैक मार्केटिंग के आरोप भी एमपीसीए पर लगते रहे हैं। होलकर स्टेडियम की क्षमता वैसे भी कम है और ऑनलाइन टिकटों की बिक्री के दावे हर बार किए जाते हैं और इसकी शुरुआत में चंद मिनटों में ही टिकटें बिकना बता दी जाती हैं। दूसरी तरफ रसूखदारों से लेकर अफसरों को टिकटें और पास भी आसानी से मिल जाते हैं। इस बार भी एमपीसीए ने ऑनलाइन ही टिकट बिक्री के दावे किए और यह भी बयान दिया कि एक भी टिकट ऑफलाइन नहीं दिया जाएगा।
800 रुपए की सबसे कम कीमत का टिकट इस बार रखा गया और सबसे महंगा 7 हजार रुपए का पैवेलियन का टिकट था। मगर एक अनार सौ बीमार की तर्ज पर शनिवार की सुबह जब ये टिकटें ऑनलाइन बिकना थीं, तो सुबह जल्दी उठकर क्रिकेट प्रेमी अपने लैपटॉप, मोबाइल, कम्प्यूटर पर टिकट खरीदने के प्रयासों में जुट गए। मगर 5 मिनट बाद ही वेबसाइट और एप पर सोल्ड आउट के मैसेज चमकने लगे। यानी 5 मिनट में ही सभी टिकटें बिकना बता दी गई और एक बार फिर क्रिकेट प्रेमी ठगी का शिकार हुए। कुछ समय पूर्व ऑफलाइन टिकटें भी एमपीसीए ने बिकवाई थी, तब भी थोड़े-से ही टिकट दिए और विंडो बंद कर दी गई। इस पर जब बवाल मचा तो फिर ऑनलाइन ही टिकटों की बिक्री के दावे मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने किए। टेस्ट और टी-20 से संन्यास ले चुके रोहित शर्मा और विराट कोहली को लाइव देखने के चक्कर में अधिकांश क्रिकेट प्रेमी मायूस हैं। मगर रसूखदारों के एमपीसीए पर कार्रवाई करे कौन। हर मैच में इसी तरह टिकट घोटाला होता रहा है।
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