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तेजस बेड़े पर बढ़ी सतर्कता: तीसरी घटना के बाद व्यापक जांच में जुटी भारतीय वायुसेना

February 24, 2026

नई दिल्ली। स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस (Tejas) से जुड़ी हालिया तकनीकी घटना के बाद भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने पूरे तेजस बेड़े की व्यापक मेंटेनेंस और सुरक्षा समीक्षा शुरू कर दी है। यह कदम मानक प्रक्रिया के तहत उठाया गया है, ताकि किसी संभावित तकनीकी खामी या परिचालन जोखिम की पहचान की जा सके।

बताया जा रहा है कि यह घटना 7 फरवरी को एक फॉरवर्ड एयर बेस पर हुई, हालांकि वायुसेना ने अभी तक इस पर आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की है। विमान निर्माता हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने नुकसान की खबरों को खारिज करते हुए इसे “जमीन पर हुई मामूली तकनीकी घटना” बताया है।

क्या हुआ था उस दिन?

सूत्रों के अनुसार, टेकऑफ के दौरान विमान रनवे पर संतुलन खो बैठा और आगे निकलकर कीचड़ वाले हिस्से में फिसल गया।

पायलट को चोटें आई हैं, लेकिन उनकी स्थिति पर आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।

विमान के एयरफ्रेम को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।

ऐसे मामलों में आमतौर पर गर्दन में झटका लगने (व्हिपलैश) जैसी चोटें देखी जाती हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विमान को “राइट-ऑफ” घोषित किया जाएगा या मरम्मत संभव होगी।

जांच में IAF और HAL दोनों शामिल

घटना की जांच के लिए बोर्ड ऑफ इंक्वायरी गठित किया गया है, जिसमें वायुसेना और HAL के विशेषज्ञ शामिल हैं।
HAL का कहना है कि तेजस का सुरक्षा रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समकालीन लड़ाकू विमानों के मुकाबले बेहतर रहा है और वह वायुसेना के साथ मिलकर तकनीकी विश्लेषण कर रहा है।

पहले भी हो चुकी हैं दो बड़ी घटनाएं

तेजस प्लेटफॉर्म से जुड़ी यह तीसरी उल्लेखनीय घटना मानी जा रही है:

मार्च 2024 – जैसलमेर के पास प्रशिक्षण उड़ान के दौरान तेजस Mk-1 क्रैश; पायलट सुरक्षित इजेक्ट हुआ।

नवंबर 2025 – दुबई में एयर शो के दौरान दुर्घटना में वायुसेना के विंग कमांडर नमन स्याल का निधन।

फरवरी 2026 – ताजा घटना, टेकऑफ के समय रनवे से फिसलना।

लगातार सामने आई घटनाओं ने बेड़े की तकनीकी विश्वसनीयता और परिचालन प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की जरूरत को रेखांकित किया है।

वर्तमान में कहां तैनात हैं तेजस स्क्वाड्रन?

भारतीय वायुसेना के पास तेजस Mk-1 के दो ऑपरेशनल स्क्वाड्रन हैं:

नलिया (गुजरात)

सुलूर, कोयंबटूर के पास

यहीं से तेजस विमान नियमित ऑपरेशनल और प्रशिक्षण मिशन संचालित करते हैं।

आगे क्या? 180 नए तेजस Mk-1A की डिलीवरी बाकी


  • वायुसेना को HAL से 180 तेजस Mk-1A मिलने हैं, जिनकी डिलीवरी अभी शुरू नहीं हुई है।
    Mk-1A संस्करण में कई आधुनिक अपग्रेड शामिल हैं:

    जनरल इलेक्ट्रिक F404 इंजन

    AESA रडार

    एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) सूट और जैमर

    डर्बी व स्वदेशी एस्ट्रा मिसाइल के साथ BVR (Beyond Visual Range) क्षमता

    उत्पादन और डिलीवरी में देरी

    डिलीवरी शेड्यूल में देरी के चलते वायुसेना ने शुरुआती बैच को कुछ रियायतों के साथ स्वीकार करने पर सहमति जताई है।

    नासिक में नई उत्पादन लाइन शुरू हुई है।

    शुरुआती क्षमता: 8 विमान प्रति वर्ष, जिसे बढ़ाकर 10 विमान किया जा सकता है।

    HAL की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता भविष्य में 24 विमान तक पहुंचने का लक्ष्य है।

    साथ ही, अगली पीढ़ी का LCA Mk-2 भी विकासाधीन है।

    क्या संकेत देती है ताजा समीक्षा?

    रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह जांच किसी संकट की प्रतिक्रिया से ज्यादा प्रिवेंटिव सेफ्टी ऑडिट है। नए विमानों की बड़ी खेप शामिल होने से पहले वायुसेना प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता, मेंटेनेंस चक्र और ऑपरेशनल प्रोटोकॉल को पूरी तरह परखना चाहती है।

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