
नई दिल्ली। रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस का अनुमान है कि भारत के कर्ज के बोझ में कमी आएगी। हालांकि, भारत की राजकोषीय मजबूती के लिए कर्ज का सस्ता होना जरूरी है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में तीव्र वृद्धि देश के कर्ज बोझ में गिरावट के अनुमानों का एक प्रमुख बिंदु है।
वर्तमान मूल्य पर जीडीपी वृद्धि दर 11 फीसदी रहने का अनुमान है। भारत में सामान्य सरकारी कर्ज अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर है। 2022-23 के लिए यह जीडीपी का लगभग 81.8 फीसदी रहा है, जबकि बीएए-रेटिंग के लिए इसका औसत लगभग 56 फीसदी है।
मूडीज ने भारत को स्थिर परिदृश्य के साथ बीएए3 की क्रेडिट रेटिंग दी हुई है। बीएए3 निवेश योग्य सबसे निचली रेटिंग है। मूडीज के प्रतिनिधि रेटिंग में सुधार पर शुक्रवार को सरकार के अधिकारियों से भी मिलने वाले हैं। इस मुलाकात को रेटिंग में सुधार की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
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