
नई दिल्ली: इंडोनेशिया सरकार (Indonesia government) ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने घोषणा की है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल सीमित कर दिया जाएगा. ये नया नियम 28 मार्च 2026 से लागू होने जा रहा है. सरकार का कहना है कि ये फैसला बच्चों को इंटरनेट पर बढ़ते खतरों से बचाने के लिए लिया गया है.
इनमें साइबर बुलिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी, अश्लील कंटेंट और सोशल मीडिया की लत जैसी समस्याएं शामिल हैं. नए नियम के तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट धीरे-धीरे बंद किए जाएंगे. जिन प्लेटफॉर्म पर ये नियम लागू होगा उनमें टिकटॉक, फेसबुक, इंस्टाग्राम और रोबलोक्स जैसे फेमस प्लेटफॉर्म शामिल हैं. सरकार ने कहा है कि ये प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी ताकि कंपनियों को नियमों का पालन करने के लिए समय मिल सके.
सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?
इंडोनेशिया की कम्युनिकेशन और डिजिटल मामलों की मंत्री मेउत्या हफीद ने बताया कि आज के समय में बच्चे इंटरनेट पर कई तरह के जोखिमों का सामना कर रहे हैं. इनमें साइबर बुलिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अश्लील कंटेंट जैसे खतरे शामिल हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों में सोशल मीडिया की लत भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे उनके मानसिक और सामाजिक विकास पर असर पड़ सकता है.
इसलिए सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ये नियम लागू करने का फैसला किया है. सरकार ने माना है कि नए नियम के लागू होने के बाद शुरुआत में बच्चों और पेरेंट्स को कुछ परेशानी हो सकती है. कई बच्चे सोशल मीडिया से दूर होने पर शिकायत कर सकते हैं और माता-पिता को उन्हें समझाने में कठिनाई हो सकती है. फिर भी सरकार का कहना है कि लंबे समय में ये फैसला बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाने में मदद करेगा.
दुनिया के कई देश उठा रहे ऐसे कदम
इंडोनेशिया अकेला देश नहीं है जो बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सख्ती कर रहा है. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया, स्पेन और कुछ यूरोपीय देशों ने भी नाबालिगों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को सीमित करने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते असर के कारण दुनिया भर में सरकारें बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर नए कानून बना रही हैं. इंडोनेशिया में इंटरनेट उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक देश में इंटरनेट की पहुंच लगभग 79.5 प्रतिशत तक है और बड़ी संख्या में बच्चे भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में सरकार का मानना है कि समय रहते नियम लागू करना जरूरी है ताकि बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरों से बचाया जा सके.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved