
इंदौर। इंदौर (Indore) के प्रतिष्ठित एमजीएम मेडिकल कॉलेज (MGM Medical College) के हॉस्टल में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र अंतरिक्ष अग्रवाल (Student Akash Agarwal) की आत्महत्या (Suicide) का मामला अब बयानों में उलझ गया है। जहाँ एक ओर परिजनों ने रैगिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस की अब तक की जांच किसी और दिशा में इशारा कर रही है। फिलहाल, संयोगितागंज पुलिस को मामले की तह तक जाने के लिए परिजनों के आधिकारिक बयानों का इंतजार है।
पिछले दिनों एमजीएम कॉलेज के छात्रावास में 21 वर्षीय छात्र अंतरिक्ष अग्रवाल ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है। परिजनों ने शुरुआती तौर पर कॉलेज में रैगिंग होने के गंभीर आरोप लगाए थे और इसे ही आत्मघाती कदम की मुख्य वजह बताया था। हालांकि, संयोगितागंज पुलिस ने जब मृतक के साथी छात्रों और हॉस्टल के अन्य लोगों से पूछताछ की, तो कहानी कुछ और ही नजर आ रही है।
पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच और साथी छात्रों के बयानों से यह संकेत मिल रहे हैं कि अंतरिक्ष पढ़ाई के भारी तनाव में था। मामले की अपडेट देते हुए एसीपी तुषार सिंह ने बताया कि फिलहाल पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची है क्योंकि परिजनों के बयान दर्ज होना बाकी हैं। घटना के बाद परिजन शव लेकर अपने गांव चले गए थे और अब तक बयान देने के लिए पुलिस के पास नहीं पहुंचे हैं। पुलिस का कहना है कि परिजनों के बयानों के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी कि यह मामला रैगिंग से जुड़ा है या फिर मानसिक तनाव से।

©2026 Agnibaan , All Rights Reserved