
इंदौर। महिलाओं में होने वाले बच्चेदानी के कैंसर से बचाव के लिए जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। परीक्षा समाप्त होने के बाद स्कूलों में भी बच्चियों को यह टीका लगाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए रणनीति तैयार कर रहा है। स्कूलों से भी बात की जा रही है। अभी जिले में 35 टीकाकरण केंद्र निर्धारित किए हैं, जहां किशोरियों को यह टीका पूरी तरह नि:शुल्क लगाया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं में बच्चेदानी के कैंसर से बचाव करना है। भारत में स्तन कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 99 प्रतिशत मामलों में यह कैंसर एचपीवी वायरस के संक्रमण से होता है। बचपन में टाइफाइड, मलेरिया, पोलियो जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए माता-पिता बच्चों का टीकाकरण करवाते आए हैं। भविष्य में महिलाओं में बच्चेदानी के मुंह का कैंसर भी न हो, इसके लिए भी सरकार नि:शुल्क टीके लगा रही है।
यह टीका उन किशोरियों को लगाया जाएगा, जिनकी आयु 14 वर्ष पूरी हो चुकी है और 15 वर्ष से कम है। यानी जिन किशोरियों ने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है, लेकिन 15वां जन्मदिन पूरा नहीं हुआ है, वे इस टीकाकरण के लिए पात्र हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस आयु वर्ग में एक सिंगल डोज वैक्सीन ही जिंदगीभर के डर को खत्म कर देती है। टीकाकरण के लिए पंजीकरण यू विन पोर्टल पर किया जा रहा है। घर बैठे माता-पिता स्वयं पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या टीकाकरण केंद्र पर ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण भी करवा सकते हैं। पोर्टल के माध्यम से ही टीकाकरण का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
5 हजार का टीका मुफ्त
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बाजार में इस टीके की एक डोज की कीमत लगभग 4 से 5 हजार रुपए के बीच है, लेकिन सरकारी अभियान के तहत इसे पूरी तरह नि:शुल्क लगाया जा रहा है। जिले के सभी निर्धारित केंद्रों पर सुबह 9 से शाम 4 बजे तक टीकाकरण किया जाएगा। यह वैक्सीन सुरक्षित है और दुनिया के लगभग 148 देशों में इसका उपयोग किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हासानी ने बताया कि जिले में 35 टीकाकरण केन्द्र निर्धारित किए गए हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved