
इंदौर. इंदौर (Indore) में साइबर ठगी (cyber fraud) के नए-नए तरीकों को लेकर पुलिस (Police) ने नागरिकों को सतर्क किया है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि किसी लिंक पर जाकर ‘Yes’ या ‘No’ लिखने से बैंक खाते से पैसे कट जाते हैं। इस पर एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि केवल ‘Yes’ या ‘No’ टाइप करने से पैसे कटने की अब तक कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संदिग्ध लिंक से बड़ा खतरा जरूर हो सकता है। आइए देखते हैं इस पर हमारी यह रिपोर्ट।
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट लगातार शहरवासियों को साइबर अपराधियों के नए हथकंडों से आगाह कर रहा है।हाल ही में सोशल मीडिया और विभिन्न मोबाइल प्लेटफॉर्म्स पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि किसी लिंक पर जाकर ‘Yes’ या ‘No’ विकल्प चुनने से बैंक खाते खाली हो रहे हैं।इस वायरल दावे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने कहा है कि अब तक ऐसी किसी बात या तकनीकी मामले की पुष्टि नहीं हुई है जिसमें केवल ‘Yes’ या ‘No’ लिखने से बैंक खाते से पैसे कटे हों।हालांकि, क्राइम ब्रांच ने इसके साथ ही एक बड़ी चेतावनी भी जारी की है। एडिशनल डीसीपी ने बताया कि साइबर ठग लोगों को झांसे में लेने के लिए मोबाइल पर संदिग्ध लिंक या APK फाइलें भेजते हैं।यदि कोई व्यक्ति अनजाने में ऐसी किसी लिंक पर क्लिक कर देता है, तो संभव है कि उसके मोबाइल में चुपचाप कोई स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड हो जाए या उसका फोन नंबर फॉरवर्ड हो जाए।ऐसी स्थिति में साइबर ठग आसानी से पीड़ित के बैंक खातों तक पहुंच बनाकर बड़ी रकम पार कर सकते हैं।क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आई संदिग्ध लिंक या APK फाइल को भूलकर भी डाउनलोड न करें। थोड़ा सा सतर्क रहकर और सावधानी बरतकर ही इस तरह के साइबर फ्रॉड से पूरी तरह सुरक्षित बचा जा सकता है।
राजेश दंडोतिया (एडिशनल डीसीपी, क्राइम ब्रांच, इंदौर)
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