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इंदौर: एमजी रोड से पलासिया तक ई-रिक्शा हटेंगे, हाईडेंसिटी एरिया घोषित करेंगे

October 16, 2026

इंदौर। शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए व्यस्ततम मार्गों से ई-रिक्शा हटाने की तैयारी है। इसके तहत एमजी रोड के साथ ही पलासिया से हाईकोर्ट तक के क्षेत्र को हाईडेंसिटी एरिया घोषित किया गया है। इस मार्ग पर ई-रिक्शा संचालित नहीं होंगे।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा नेे ऑटो चालक संघ, ई-रिक्शा संघ और सीएनजी ऑटो संघ के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। बैठक में शहर के व्यस्ततम मार्गों से ई-रिक्शा हटाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी। हाई-डेंसिटी कॉरिडोर पर ई-रिक्शा का संचालन रोकने के लिए पुराने बीआरटीएस कॉरिडोर और प्रमुख मार्गों पर इनके आवागमन को नियंत्रित करने की दिशा में चर्चा हुई। प्रस्तावित व्यवस्था में एमजी रोड, पलासिया से हाईकोर्ट को भी हाईडेंसिटी कॉरिडोर घोषित किया गया है। इन दोनों ही मार्गों पर ई रिक्शा संचालित नहीं होंगे।


  • 11,500 ई-रिक्शा, 2,500 को सिटी परमिट देने की जानकारी
    ऑटो चालक संघ के प्रतिनिधि राजेश बिड़कर ने परिवहन विभाग की परमिट व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में करीब 11,500 ई-रिक्शा होने की जानकारी है, जिनमें से लगभग 2,500 को सिटी परमिट दिए जाने की बात सामने आई है। संघ का आरोप है कि एक ओर ई-रिक्शा चालकों को व्यस्त मार्गों से हटाने की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर परमिट के नाम पर राशि लेकर उन्हें शहर में संचालन की अनुमति दी जा रही है। यदि परमिट जारी किए गए हैं, तो उनकी वैधता, निर्धारित शुल्क और संचालन के लिए तय मार्गों की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

    रंग के आधार पर बांटे, फिर भी नहीं बदली व्यवस्था
    यातायात पुलिस और आरटीओ ने पहले ई-रिक्शा को रंगों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उनके संचालन को व्यवस्थित करने की योजना बनाई थी, लेकिन ऑटो चालकों का कहना है कि जमीन पर इस व्यवस्था का पालन नहीं हो रहा है। यदि रंग के आधार पर निर्धारित मार्गों और क्षेत्रों का पालन नहीं कराया जा रहा, तो केवल रंग-कोडिंग से यातायात सुधारने का उद्देश्य कैसे पूरा होगा संघ ने इस व्यवस्था की निगरानी और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जरूरत बताई है।

    ई-रिक्शा पर सख्ती रैपिडो पर सवाल
    ऑटो चालकों ने रैपिडो बाइक टैक्सी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि शहर में करीब 15 हजार बाहरी नंबरों वाली बाइकें चल रही हैं और इस मामले में हाईकोर्ट में प्रकरण विचाराधीन है। उनका सवाल है कि जब ई-रिक्शा के संचालन पर नियंत्रण की तैयारी हो रही है, तो बाइक टैक्सी के संचालन और परमिट संबंधी नियमों पर भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। हालांकि, असिस्टेंट आरटीओ गुप्ता ने उबर द्वारा लाइसेंस लिए जाने की बात कही है।

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