
जितनी बिजली उतने दाम देने वाली भाजपा ने दोगुनी से ज्यादा महंगी कर दी घरेलू, व्यावसायिक से लेकर सिंचाई तक की बिजली
इंदौर। नियामक आयोग (Regulatory Commission) के समक्ष इंदौर (Indore) सहित प्रदेश की तीनों बिजली कम्पनियों (electricity companies) ने 10 फीसदी से अधिक बिजली की दरों को बढ़ाने की जो याचिकाएं दायर कीं उनकी सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब 1 अप्रैल से संभवत: कम्पनियों द्वारा चाही गई बिजली की दरों में वृद्धि की अनुमति आयोग दे देगा। जितनी बिजली उतने दाम का नारा देकर चुनाव जीती भाजपा ने बीते 20 सालों में दोगुने से ज्यादा घरेलू, व्यावसायिक, सिंचाई से लेकर सभी श्रेणियों की बिजली दरें महंगी कर दी है, जिसके चलते घर-घर के बिजली बिल लगातार बढ़ते रहे हैं।
प्रदेश में तीन बिजली कम्पनियां कार्यरत है, जिसमें पूर्व क्षेत्र जबलपुर, मध्य क्षेत्र भोपाल के साथ पश्चिमी क्षेत्र इंदौर है और अभी कुछ समय पूर्व मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग के समक्ष इन तीनों बिजली कम्पनियों के अलावा शासन के एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी द्वारा भी याचिकाएं दायर करते हुए 6 हजार करोड़ रुपए से अधिक का घाटा बताकर दर वृद्धि की मांग की गई है और 10.19 प्रतिशत बिजली की दरें महंगी करने की अनुमति आयोग से मांगी गई, जिस पर अभी पिछले दिनों आयोग ने भी सुनवाई की प्रक्रिया हर बार की तरह पूरी कर ली। हालांकि गिनती के ही उपभोक्ताओं और उनसे जुड़े संगठनों ने आपत्तियां प्रस्तुत की। अब अगर आयोग इन बिजली कम्पनियों द्वारा चाही गई वृद्धि के मुताबिक अनुमति देता है तो सभी के बिजली के बिल सीधे 10 फीसदी से अधिक बढ़ जाएंगे। संभवत: 1 अप्रैल नए वित्त वर्ष से यह वृद्धि लागू हो सकती है। सामान्य घरेलू उपभोक्ता के बिजली के बिल में भी 100 रुपए से अधिक की वृद्धि हो सकती है, जिसका अभी बिजली का बिल 1400 से लेकर 2800 रुपए के बीच आता है। वहीं अधिक बिजली खर्च करने वाले परिवारों का बिजली बिल 400 से अधिक भी बढ़ सकता है, तो घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा व्यवसायिक, औद्योगिक, उच्च दाब यानी हाईटेंशन उपभोक्ताओं से लेकर सिंचाई सहित अन्य कार्यों में इस्तेमाल होने वाली बिजली के दाम बढ़ सकते हैं। इंदौर नगर निगम पर भी इस दर वृद्धि का भार हर साल पड़ता है, क्योंकि स्ट्रीट लाइट के अलावा जलूद से जो इंदौर तक पानी लाकर बंटवाया जाता है उसमें भी बिजली की खपत बड़ी मात्रा में होती है।
इंदौर में छुट्टी के दिन बिजली कम्पनी ने ली बैठक
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर ने कल रविवार की छुट्टी के दिन भी पोलोग्राउंड स्थित पश्चिमी क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के मुख्यालय पर बैठक ली और आरडीएसएस के तहत जो एजेंसियां लापरवाही कर रही है उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। श्री सिंह ने केपेसिटर बैंक की स्थापना के बाद उनका गुणवत्ता परीक्षण एवं उनसे हो रहे फायदे की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएबीएल, एलटीएमटी लेब का सतत पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए। कंपनी के प्रबंध निदेश श्री अनूप कुमार सिंह ने कहा कि आरडीएसएस अंतर्गत 97 में से 87 ग्रिड का कार्य पूर्ण होकर बिजली आपूर्ति हो गई हैं, वहीं सात हजार सात सौ ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके है। एलटी केबल कार्य, अंडर ग्राउंड केबल, ग्रिड रिनोवेशन व अन्य कार्य सतत पूर्ण होते जा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिंह चौहान व अन्य मौजूद रहे।
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