
इंदौर। अत्याधुनिक तकनीक (cutting-edge technologies) और नवीनतम चिकित्सकीय संसाधनों की उपलब्धता के चलते जन्म (Birth) से पहले ही भ्रूण (Embryo) में बच्चों (Children) की जांच और बीमारियों को ठीक करने की विधि विकसित हो चुकी है। फीटल इमेजिंग यानी भ्रूण छवि-निर्माण को लेकर इंदौर के अरविंदो अस्पताल में राष्ट्रीय स्तर के डॉक्टरों ने कार्यशाला में अपने विचार रखे।
श्री अरबिंदो इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस सेंटर में शुरू हुई तीन दिनी कार्यशाला में चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी ने कहा कि फीटल इमेजिंगे से भ्रूण एवं नवजात शिशु के स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों के जल्द निदान, परामर्श और प्रबंधन में बहुत मदद मिल रही है। इसलिए निरंतर शैक्षणिक आदान-प्रदान आज के दौर की अहम जरूरत बन गए हैं।
श्री अरबिंदो मेडिकल कॉलेज एंड पीजी इंस्टिट्यूट के रेडियोडायग्नोसिस डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित सीएमई में एक ओर फेमस नेशनल फैकल्टी अपनी विशेषज्ञता और जानकारी साझा की गई, वहीं अन्य सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य फीटल इमेजिंग यानी भ्रूण छवि निर्माण में सैद्धांतिक समझ के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल को भी बढ़ाना है।
हर भ्रूण एवं शिशु का जीवन महत्वपूर्ण
इस विधा की राष्ट्रीय विशेषज्ञ और कार्यक्रम के आयोजक डॉ. श्वेता भंडारी ने कहा कि हमारे लिए हर भ्रूण एवं शिशु बहुत महत्वपूर्ण है और किसी भी शिशु की हानि की स्थिति बेहद निराशाजनक होती है। इसलिए इस कांफ्रेंस में गर्भावस्था के 6 महीने बाद से और प्रसूति के दौरान तक अलग-अलग स्टेप्स पर हार्ट, किडनी, लिवर आदि महत्वपूर्ण अंगों से जुड़ी समस्याओं और असमानताओं का उपचार किया जा सकता है। कार्यक्रम का शुभारंभ अरबिंदो मेडिकल कालेज की कुलाधिपति डॉ. मंजूश्री भंडारी ने किया । उनके साथ डीन डॉ. जयश्री तापडिय़ा, डॉ. मनीष भगत, असिस्टेंड प्रोफेसर डॉ. राजकुमारी रावत, आईआरआईए के पास्ट नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. पुष्पराज भटेले, नेशनल जनरल सेक्रेटरी डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. निकिता बेंजामिन, डॉ. ओ.पी. तिवारी, डॉ. आलोक वार्षणेय, डॉ. मुकेश गुप्ता, डॉ. राजू केसवानी और डॉ. कार्तिक सेंथिवेल सहित अनेक विशेषज्ञ भी मौजूद थे।
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