
इन्दौर। देशभर में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर लगी रोक का असर अब होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर दिखने लगा है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को छोडक़र अन्य व्यावसायिक संस्थानों को कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बंद होने के कारण इंदौर सहित मध्यप्रदेश में कई होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हो गए हैं। शहर में कई छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद हो चुके हैं, जबकि कई बंद होने की कगार पर हैं और सीमित संसाधनों के साथ संचालन कर रहे हैं।
स्थिति को देखते हुए होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया (एमपी चेप्टर) और मध्यप्रदेश होटलियर्स एसोसिएशन ने सदस्य होटलों और रेस्टोरेंट के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें गैस की संभावित कमी के बीच संचालन जारी रखने के लिए किचन प्रबंधन और गैस उपयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा है कि ऊर्जा आपूर्ति शृंखला में बनी अनिश्चित स्थिति के कारण कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता रुक गई है। ऐसे में होटल उद्योग को ईंधन बचत के साथ उपयोग की जरूरत है, ताकि अतिथि सेवाएं प्रभावित न हों।
होटलों के मेन्यू हुए सीमित
गाइडलाइन में होटल संचालकों को अपने मेन्यू की समीक्षा करने और ऐसे व्यंजनों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है, जो कम समय में तैयार हो जाते हैं, वहीं लंबे समय तक धीमी आंच पर पकने वाले व्यंजनों को फिलहाल सीमित रखने की बात कही गई है। इसे देखते हुए ज्यादातर होटल अपने मेन्यू सीमित भी कर चुके हैं।
हजारों लोग हो सकते हैं बेरोजगार
होटल संचालकों का कहना है कि यदि कमर्शियल गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो शहर के सैकड़ों छोटे-बड़े होटल-रेस्टोरेंट बंद हो जाएंगे। इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। इससे हजारों कर्मचारी बेरोजगार भी हो सकते हैं, साथ ही पर्यटन उद्योग भी ठप हो सकता है।
एडवाइजरी के प्रमुख बिंदु
कम समय में बनने वाले व्यंजनों को प्राथमिकता दें
लंबे समय तक धीमी आंच पर पकने वाले व्यंजन सीमित रखें
उपयोग में न होने पर बर्नर और पायलट फ्लेम बंद रखें
प्रेशर कुकिंग और ढक्कन लगाकर खाना पकाएं
दाल और अनाज को पहले से भिगोकर रखें
छोटे बैच के बजाय योजनाबद्ध तरीके से बड़े बैच में भोजन तैयार करें
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