
इंदौर। प्रदेश में शराब दुकानों की कीमतों को 20त्न बढ़ाए जाने का फैसला सरकार के गले की हड्डी बन चुका है, जिसके चलते अब सरकार इस पर यू टर्न लेती नजर आ रही है। नीलामी के लिए अब सिर्फ 4 दिन बचे हैं और अब भी प्रदेश की 871 दुकानें नीलाम नहीं हो पाई हैं। ये कुल दुकानों का करीब 25त्न हैं। इसे देखते हुए सरकार ने मजबूरी में इन दुकानों को पिछले साल से भी कम कीमत पर नीलाम करने का फैसला लिया है।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत प्रदेश की कुल 3553 दुकानों की कीमत को 20त्न बढ़ाने का फैसला लिया था। इसके तहत 27 फरवरी से दुकानों की नीलामी शुरू की गई। इस एक माह में आठ चरणों में नीलामी के बाद भी प्रदेश की 871 दुकानें अब तक नीलाम नहीं हो पाई हैं। इसे देखते हुए सरकार ने अब इन दुकानों की नीलामी के लिए तय की गई कीमत पर 20त्न कम की बोली लगाने का विकल्प भी खोल दिया है। यानी अब सरकार इन दुकानों को पिछले साल से भी कम कीमत पर बेचने को तैयार हो गई है। इसके तहत आज से नीलामी के 9वें चरण में घटी हुई कीमतों के साथ टेंडर भरे जा सकते हैं, जिन्हें कल खोला जाएगा।
पिछले साल से भी 4′ कम में बिकेंगी दुकानें
सरकार के इस यू टर्न को ऐसे समझें कि एक शराब दुकान की कीमत पिछले साल 100 रुपए थी, जिसे 20त्न बढ़ाने के बाद इस साल उसकी कीमत 120 रुपए तय की गई थी। अब इस पर 20त्न कम किए गए हैं। यानी 120 रुपए पर 20त्न कम करने पर नई कीमत 96 रुपए हो चुकी है, जो पिछले साल जिस कीमत पर दुकान बिकी थी उससे भी 4त्न कम है। यानी जहां सरकार को इन दुकानों पर पिछले साल से ज्यादा कमाई की उम्मीद थी, वहीं अब पिछले साल की तुलना में नुकसान पर भी सरकार दुकानें नीलाम करने को तैयार है।
पिछले साल 35′ तक कम हुई थी कीमतें
ऐसा नहीं है कि नीलामी में सिर्फ इस बार ही सरकार को कम कीमत मिल रही है। पिछले साल भी प्रदेश की 25 से 30त्न दुकानों को सरकार ने आखिरी समय तक खरीदार न मिलने पर 35त्न तक कम कीमत पर नीलाम किया था। इंदौर में भी ऐसी कुछ दुकानें नीलाम हुई थीं। आखिरी समय में तो सरकार ने खुली नीलामी शुरू कर दी थी, जिस पर व्यापारी अपने हिसाब से कोई भी कीमत की बोली लगा सकते थे। इस बार भी आखिरी के दो दिनों में ऐसी स्थिति बन सकती है।
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