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इंदौर: 194 फीसदी तक बढ़ेगी आवासीय भूखंडों की गाइडलाइन… 597 लोकेशन हुई मर्ज भी

March 16, 2026

  • व्यवसायिक, बहुमंजिला इमारतों के अलावा सिंचित और असिंचित कृषि जमीनों में भी 150 फीसदी तक वृद्धि होगी, 1 अप्रैल से बढ़ जाएगी स्टाम्प ड्यूटी

इंदौर। आगामी वित्त वर्ष की गाइडलाइन तय करने की प्रक्रियाजिला मूल्यांकन समिति की 14 मार्च को हुई बैठक के बाद शुरू कर दी है। अभी दावे-आपत्तियां-सुझाव लिए जा रहे हैं, जिसकी प्रक्रिया 21 मार्च तक रहेगी और प्रस्तावित गाइडलाइन सभी उपपंजीयक, वरिष्ठ जिला पंजीयक दफ्तर के साथ-साथ कलेक्ट्रेट में भी उपलब्ध रहेगी। कुछ क्षेत्रों में अधिकतम 194 फीसदी तक आवासीय भूखंडों की गाइडलाइन बढ़ाई जा रही है, तो व्यवसायिक के साथ-साथ सिंचित-असिंचित कृषि जमीनों के भावों में भी वृद्धि की गई है, ताकि भू-अर्जन के दौरान किसानों को पर्याप्त मुआवजा राशि मिल सके। इंदौर-सांवेर रोड पर ही सर्वाधिक गाइडलाइन में वृद्धि हुई है, तो 597 लोकेशनों को प्रस्तावित के साथ मर्ज कर दिया है।

इंदौर में कई लोकेशन ऐसी है जहां पर वर्तमान गाइडलाइन से अधिक मूल्य पर रजिस्ट्रियां हुई हैं, जिसके चलते उन क्षेत्रों में 100 फीसदी या उससे अधिक स्टाम्प ड्यूटी हासिल करना तय किया गया है। वरिष्ठ जिला पंजीयक और संयोजक जिला मूल्यांकन समिति मंजूलता पटेल के मुताबिक वर्तमान गाइडलाइन में कुल लोकेशनों की संख्या 4840 है। जबकि आगामी वर्ष की गाइडलाइन में इन लोकेशनों की संख्या 4579 रखी गई है।

दरअसल, वर्तमान लोकेशनों में से 2606 लोकेशनों में वृद्धि प्रस्तावित की गई है और शेष में कोई वृद्धि नहीं होगी। वहीं 597 लोकेशनों को आपस में मर्ज करते हुए नवीन लोकेशन बनाई गई है, जिससे सम्पदा-2.0 सॉफ्टवेयर में मैपिंग आसानी से हो सकेगी। इनमें भी सबसे अधिक 175 लोकेशन महू क्षेत्र की और उसके बाद इंदौर-3 की 129, इंदौर -2 और 4 की 105-105 तथा इंदौर-1 की 55, सांवेर की 28 और देपालपुर की कोई भी लोकेशन मर्ज नहीं हुई है। इन 597 लोकेशनों को मर्ज करने के कारण आगामी वित्त वर्ष में कुल लोकेशनों की संख्या वर्तमान की तुलना में घटकर 4579 रह जाएगी। वहीं 158 नई कॉलोनियों को भी इन लोकेशनों में शामिल किया गया है, जो 2606 लोकेशनों में गाइडलाइन 10 फीसदी से लेकर 195 फीसदी तक बढ़ाई जा रही है, उसमें शहरी क्षेत्र से जुड़ी 1359 तथा ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ी 1255 लोकेशन शामिल है। सबसे अधिक 194 फीसदी तक आवासीय भूखंडों पर गाइडलाइन सांवेर के सतलाना क्षेत्र में तय की गई है। इसी तरह 150 प्रतिशत तक की वृद्धि पटेल नगर, पीर कनाडिय़ा, क्षिप्रा और पुराने बस कॉम्प्लेक्स के पीछे की कॉलोनियों को शामिल किया है।

इसी तरह इतनी ही वृद्धि लालखेड़ा क्षेत्र की नई कॉलोनियों में की गई है। 100 फीसदी से अधिक स्टाम्प ड्यूटी जिन क्षेत्रों में बढ़ाई जा रही है उसमें सांवेर के ही अधिकांश गांव शामिल हैं। वहीं योजना 151, भौंरासला में भी 117 प्रतिशत, तो कुमेर्डी स्थित बालाजी तुलसीयान में 124 फीसदी तथा श्याम गवली कॉलोनी, तुलसी कॉलोनी में 133 फीसदी आवासीय भूखंडों की गाइडलाइन तय की गई है। वहीं व्यवसायिक में सर्वाधिक 257 प्रतिशत की वृद्धि सांवेर के ब्रह्माखेड़ी में प्रस्तावित की गई है, तो 241 फीसदी की वृद्धि कुड़ाना, तो 213 से लेकर 200 और 100 के अंदर भी कई क्षेत्र अब 1 अप्रैल से महंगे हो जाएंगे, जहां पर अधिक स्टाम्प ड्यूटी चुकाना पड़ेगी। एमजी रोड भी 117 फीसदी आवासीय और इतना ही व्यवसायिक महंगा हो गया है, तो कालिंदी पार्क में आवासीय 152 फीसदी, तो व्यवसायिक भूखंड 246 फीसदी महंगे गाइडलाइन के मुताबिक कर दिए हैं। वरिष्ठ जिला पंजीयक अमरेश नायडू के मुताबिक 16 मार्च यानी आज से लेकर 21 मार्च तक आमजन अनुमोदित प्रस्तावों का अवलोकन कर अपने सुझाव दे सकेंगे।

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