
इंदौर। शहर में रहने वाले रिटायर्ड इंस्पेक्टर का बेटा तीन दिन से लापता है। उसके परिजन की चिंता उस समय बढ़ गई, जब उसके मोबाइल से मैसेज आया और उसने आत्महत्या करने जाने की बात लिखी। उसकी तलाश में पुलिस सर्च अभियान चला रही है। जहां पुलिस सर्च अभियान चला रही है, वहां कुछ चप्पलें मिली है, जो उसकी चप्पलों से मिलती-जुलती दिख रही है।

एरोड्रम इलाके के रहने वाले रिटायर्ड इंस्पेक्टर जगन्नाथ गवई का 20 वर्षीय बेटा मनीष 21 जनवरी को घर से चिडिय़ाघर जाने का कहकर निकला था, शाम तक वह घर नहीं पहुंचा तो उसके मोबाइल पर फोन लगाया तब उसने एक घंटे में घर आने की बात कही, लेकिन कुछ देर बाद उसके बड़े भाई के मोबाइल पर मनीष के मोबाइल से एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि वह पातालपानी में आत्महत्या करने के लिए जा रहा है। इसके बाद मनीष के मोबाइल पर दोबारा फोन लगाया तो वह स्वीच ऑफ मिला। बाद में परिजन पातालपानी उसकी तलाश में गए तो वह नहीं मिला। वहां कुछ चप्पलें जरूर पड़ी है, जो मनीष की चप्पलों से मिलती-जुलती है। आज सुबह पुलिस और बचाव दल की टीमें पातालपानी के झरने में मनीष की तलाश करेगी। कल शाम को भी मनीष की तलाश पातालपानी इलाके में की गई, लेकिन अंधेरा होने के चलते अधिक गहराई में बचाव दल उतर नहीं पाया।

पैदल जा रहे युवक की तबीयत बिगड़ी… इलाज के दौरान मौत
पैदल जा रहे एक युवक की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। लसूडिय़ा पुलिस ने बताया कि शनिवार दोपहर को 23 साल का अमन पिता कैलाश कडिय़ा की प्रकाश पेट्रेल पंप के पास उस समय तबीयत खराब हो गई थी, जब वह पैदल-पैदल घर जा रहा था। परिवार के लोग उसे पास के तुलसी क्लीनिक लेकर गए थे। परिजन का कहना है कि उसे क्लीनिक पर एक बोतल चढ़ा दी और तीन घंटे चले इलाज के बाद दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा। परिजन उसे अरविंदो अस्पताल लेकर गए, जहां उसकी इलाज के दौरान रविवार को मौत हो गई। युवक का एमवाय अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजन का आरोप है कि तुलसी क्लीनिक पर इलाज में लापरवाही बरती, जिससे उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई।
पटरी पार करते ट्रेन की चपेट में आया
लक्ष्मी बाई नगररेलवे स्टेशन के पास आज सुबह रेलवे पटरी पार करते समय चपेट में आने से एक अज्ञात युवक कट गया, जिसकी मौके पर मौत हो गई। अभी इसकी पहचान नहीं हो पाई है। घटना सुबह-सुबह की बताई जा रही है। जीआरपी पुलिस ने मर्ग कायम किया है । आसपास के सभी थानों में उसकी फोटो भेजकर पता लगाया जा रहा है कि कहीं उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट तो दर्ज नहीं है।
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