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इंदौर: बल्क कचरा के लिए अब कराना होगा रजिस्ट्रेशन

January 29, 2026

4000 लीटर पानी के प्रतिदिन उपयोग व 20000 स्क्वेयर मीटर वाला क्षेत्र बल्क कचरा की श्रेणी में

इंदौर। भारत सरकार (Government of India) द्वारा कल रात सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (Solid Waste Management) के नए नियम घोषित कर दिए गए हैं। यह नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे। इस नए नियम के अनुसार अब बल्क कचरा (bulk waste) का रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। जिस स्थान पर 40000 लीटर पानी का हर दिन उपयोग होता है वह स्थान बल्क कचरा की श्रेणी में आएगा। इसके साथ ही 20000 स्क्वेयर मीटर से ज्यादा में निर्मित क्षेत्र भी इसी श्रेणी में आएगा।



  • भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 कल रात को नोटिफाई कर दिए गए हैं। यह रूल जारी होने के साथ ही अब बल्क कचरा की परिभाषा को ज्यादा स्पष्ट करते हुए उसके दायरे को भी स्पष्ट कर दिया गया है। इन रूल में यह प्रावधान किया गया है कि बल्क वेस्ट जेनरेशन के लिए भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। हर बल्क वेस्ट के स्थान का रजिस्ट्रेशन करवाने की जिम्मेदारी संबंधित नगर निगम, नगर पालिका की होगी। इस स्थान से पूरे साल जो बल्क वेस्ट मिलेगा उसके आधार पर स्थानीय निकाय द्वारा साल के अंत में इस स्थान का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इन नियमों में बल्क वेस्ट की श्रेणी में कौन से स्थान आएंगे उसे भी स्पष्ट रूप से परिभाषित कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि जिस स्थान पर प्रतिदिन 40000 लीटर पानी का उपयोग होगा वह स्थान बल्क वेस्ट की श्रेणी में आएगा। इसके साथ ही 20000 स्क्वेयर मीटर या उससे अधिक में यदि कोई निर्माण है तो वहां का कचरा भी बल्क वेस्ट की श्रेणी में आएगा। यदि किसी स्थान से 100 किलो या उससे ज्यादा कचरा निकल रहा है तो वह भी बल्क वेस्ट की श्रेणी में होगा। अब तक के नियम में 5000 स्क्वेयर मीटर क्षेत्र का निर्माण बल्क वेस्ट की श्रेणी में माना गया था। अब इस नियम को बदल दिया गया है। इन नियमों में यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि जहां से भी बल्क वेस्ट लिया जाएगा वहां पर गीले कचरे का निष्पादन करना आवश्यक होगा। ऐसे स्थान पर गीले कचरे को निष्पादित करने के लिए प्लांट लगाने का काम करना होगा। इन स्थानों से गीला कचरा स्थानीय निकाय द्वारा किसी भी हालत में संग्रहित नहीं किया जाएगा।

    लैंड फील की साइट का होगा निरंतर निरीक्षण
    भारत सरकार के द्वारा इन नियमों में यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि स्थानीय निकाय के द्वारा जो सूखे कचरे को लैंडफिल किया जाता है तो उसकी साइड का निरंतर निरीक्षण किया जाएगा। सरकार के द्वारा पहले से बनाए गए नियम में यह प्रावधान है कि नागरिकों के घरों से सुखा और गीला कचरा अलग-अलग ही संग्रहित करना है। लैंड फील साइट पर केवल सूखा कचरा उपयोग किया जाएगा। इस नियम के बावजूद बहुत सारे स्थानीय निकायों के द्वारा मिक्स कचरा लैंड फील साइड में उपयोग किया जाता है। इस स्थिति को रोकने के लिए सरकार के द्वारा अब यह प्रावधान कर दिया गया है कि लैंड फील की साइड का आकस्मिक रूप से निरंतर निरीक्षण किया जाता रहेगा। इसके माध्यम से मिक्स कचरा संग्रहित करने और उसका लैंड फील साइड पर उपयोग करने से रोकने की व्यवस्था की जा रही है।

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