
नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से… तिलक लगाकर होगा विद्यार्थियों का स्वागत
इन्दौर। नया शैक्षणिक सत्र (New Academic Session) 1 अप्रैल से शुरू किया जा रहा है। प्रवेश के साथ ही स्कूली विद्यार्थियों (School students) का स्वागत तिलक वंदन (Homage to Tilak) के साथ किया जाएगा। स्कूलों में बाल सभाएं आयोजित की जाएगी। स्कूल चले हम अभियान के तहत इंदौर जिले के 162 अधिकारी 4 अप्रैल को अलग-अलग स्कूलों में विद्यार्थियों की कक्षाओं में लेक्चर लेंगे। कलेक्टर ( Collector) शिवम वर्मा प्रताप नगर आश्रम क्रमांक 2 में विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे।
नए शैक्षणिक सत्र के लिए सभी सरकारी स्कूलों में तैयारी शुरू हो चुकी हैं। पहले ही दिन विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं स्कूलों में की जा रही है। प्रवेश पर विद्यार्थियों को तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया जाएगा। वहीं विशेष मध्यान्ह भोज भी स्कूल स्तर पर तैैयार किया जाएगा। यही नहीं विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तक का वितरण भी शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही किया जाएगा। इस बार विद्यार्थियों में शैक्षणिक गतिविधियां शुरुआत से ही दुरुस्त कर रहे हैं। इसके लिए पूरे प्रदेश में अधिकारी स्कूल चले हम अभियान के तहत कक्षाओं में जाएंगे और विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे भी। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा सहित जिले के 162 अधिकारियों की सूची अलग-अलग स्कूलों में जाकर लेक्चर लेने के लिए तय की जा चुकी है। प्रशासन की ओर से स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र उत्कृष्ट गतिविधियों के साथ किया जाए। इसकी पूरी तैयारी की गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी और डीपीसी दोनों ही अलग-अलग समीक्षा बैठक कर रहे हैं। नर्सरी से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा आकर्षक बनाने की योजना तो तैयार कर ही रहे हैं। वह शुरुआत से ही शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए व्यवस्थाएं करने में जुटे हैं।
ज्यादा नामांकन, घर घर जाएंगे शिक्षक
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या को लगातार बढ़ाने के लिए शिक्षकों को नामांकन और नए एडमिशन के बारे में विशेष रूप से हिदायत दी गई है कि वह इस और ध्यान दें। वहीं प्रत्येक विद्यालय में एक शिक्षक घर-घर जाकर सम्पर्क कर विद्यार्थियों के आकलन और प्रवेश करने की योजना पर अमल किया जा रहा है।
अभिभावकों का भी स्वागत
जो विद्यार्थी 85 फीसदी से ज्यादा अंक लाकर परिणाम में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों का सम्मान भी स्कूल स्तर पर किया जाना है। इससे बच्चों के साथ अभिभावकों का मनोबल बढ़ाने पर जोर दिया गया है ।
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