
इंदौर। नए सत्र की शुरुआत के साथ ही शहर में कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म खरीद को लेकर दुकानों पर भीड़ साफ नजर आ रही है। चिह्नित दुकानों पर देर रात तक अभिभावकों की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन इसके बावजूद शिकायतें सामने नहीं आ रही हैं। हालात यह हैं कि कई नामी स्कूलों की किताबें सिर्फ तय दुकानों पर ही मिल रही हैं, जहां रात 11 बजे तक भी भीड़ बनी रहती है। फिर भी प्रशासन के पास कोई शिकायत नहीं होने के कारण इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
ऑफिस और अन्य काम निपटाकर अभिभावक शाम से किताबें लेने दुकानों पर पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। बावजूद इसके प्रशासन के पास शहर से शिकायतें बेहद कम पहुंच रही हैं, जिससे कार्रवाई सीमित हो रही है। इंदौर जिले की सीमा में सैकड़ों स्कूल संचालित हो रहे हैं और इनकी मनमानी सहना अब लोगों की मजबूरी बन चुका है। यह इस बात से साबित होता है कि प्रशासन के कंट्रोल रूम बनाने और नंबर जारी करने के बाद भी शिकायतें नहीं पहुंच रही हैं। इधर, कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर किताब-कॉपी और यूनिफॉर्म में मोनोपोली खत्म करने के लिए जारी प्रतिबंधात्मक आदेश का पालन कराया जा रहा है। इसी बीच महू में शिकायत मिलने पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई और एक स्कूल संचालक व स्टेशनरी दुकानदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
एक ही दुकान से खरीदने का दबाव, महंगी किताबें
कलेक्टर कार्यालय की हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के बाद जांच में सामने आया कि डोंगरगांव स्थित श्री सांई एकेडमी का कोर्स सिर्फ महू की विद्याश्री स्टेशनरी पर ही उपलब्ध कराया जा रहा था। अभिभावकों को वहीं से महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा था। प्रशासन ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत स्कूल संचालक और दुकानदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
कंट्रोल रूम पर 12 घंटे ड्यूटी, शिकायत पर तुरंत जांच
अभिभावकों की समस्याएं सुनने के लिए कंट्रोल रूम पर 12 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यहां आने वाली शिकायतों पर शिक्षा विभाग की टीम तुरंत जांच कर कार्रवाई करेगी। शिकायत के लिए नंबर 0731-2431117 जारी किया गया है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि अभिभावक शिकायत करेंगे, तभी इस व्यवस्था पर पूरी तरह अंकुश लग सकेगा।
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