img-fluid

इंदौर: भागीरथपुरा के 16 मरीजों की स्थिति अब भी गंभीर, कैंसर और किडनी जैसी बीमारियों ने बढ़ाई मुश्किल

January 18, 2026

  • 45 मरीजों का निजी अस्पतालों ने किया इलाज

इन्दौर। भागीरथपुरा के 16 मरीजों का इलाज अभी भी जारी है। इनमें से 11 सामान्य व 5 आईसीयू में भर्ती हैं। जो आईसीयू में भर्ती हैं, इनमें से 2 वेंटिलेटर पर हैं। इन मरीजों के बारे में सीएमएचओ का कहना है कि यह सारे मरीज पहले से ही कई गम्भीर बीमारियों से पीडि़त रहे हैं। इनमें से अधिकांश मरीज कैंसर, किडनी, लिवर, हार्ट, डबल निमोनिया सहित हाई ब्लड प्रेशर, शुगर से पीडि़त हैं। कल रात से आज सुबह तक भागीरथपुरा की ओपीडी में कोई भी नया मरीज नहीं आया है। डाक्टर हसानी के अनुसार सबसे अच्छी बात है वेंटिलेटर सपोर्ट पर जा चुके कई मरीज स्वस्थ हो चुके हैं तो कुछ स्वस्थ हो रहे हैं।


  • सीएमएचओ के अनुसार भागीरथपुरा के पीडि़तों का एमवाय हास्पिटल और चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय सहित शहर के लगभग 45 निजी अस्पतालों में इलाज किया गया है। इलाज करने वाले निजी अस्पतालों में बॉम्बे हॉस्पिटल सहित अरविंदो अस्पताल शामिल है। शासन द्वारा भागीरथपुरा पीडि़तों का मुफ्त इलाज की घोषणा के बाद सारे निजी अस्पतालों से इलाज का हिसाब-किताब मांगा जा चुका है। बिलों की जांच के बाद इलाज का खर्च दे दिया जाएगा। 45 अस्पतालों में 39 निजी अस्पताल यह लिखकर दे चुके हैं कि हमने सभी मरीजों का मुफ्त इलाज किया है। जिन मरीजों अथवा उनके परिजनों ने रुपए जमा करवा दिए थे, उनको रुपए वापस कर दिए गए हैं। सीएमएचओ के अनुसार कल से आज तक डायरिया का कोई नया मरीज नहीं मिला है। जो 16 मरीज हैं, इनमें से कई मरीज आज या कल तक डिस्चार्ज हो सकते हैं।

    Share:

  • मौनी अमावस्या पर संगम तट पर बवाल, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना किया, शिष्यों से मारपीट

    Sun Jan 18 , 2026
    प्रयागराज. प्रयागराज (Prayagraj) माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (Shankaracharya Avimukteshwaranand) ने मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) पर स्नान से मना कर दिया है. उन्होंने अपनी पालकी बीच रास्ते से अखाड़े में लौटा दी है. बताया जाता है कि जब वे अपनी पालकी से अखाड़े से निकलकर संगम नोज पर जा रहे थे, तभी उनके शिष्यों से […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved