
इन्दौर। बीते महीने 16 मार्च को यातायात (transportation) के चार जोन (Four Zones) के हिसाब से ई-रिक्शा (E-rickshaws) के रूट को लेकर आए फैसले के बाद इसे लागू करने का निर्णय (Verdict) आ सकता है। डीसीपी ट्रैफिक (DCP Traffic) ने 5 हजार ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन होने के बाद इसपर निर्णय लेने की बात कही थी। आज डीसीपी ने यातायात अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
इंदौर शहर में दौड़ रहे हजारों ई-रिक्शा लंबे समय से वाहन चालकों और यातायात पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए थे। कई बैठकों के बाद ये निर्णय हुआ कि इसे चार जोन के हिसाब से बांटकर इनके रूट तय किए जाएंगे। हर जोन में एक ई-रिक्शा को चलने के लिए अच्छा खासा क्षेत्र मिलेगा। बीते माह से शुरू इसके रजिस्ट्रेशन में अब सख्ती दिखाकर रूट रजिस्ट्रेशन के आंकड़े 5225 तक लाए गए हैं, जिसे लेकर अब आज डीसीपी ट्रैफिक ने बैठक बुलाई है। इनके रूट लागू करने को लेकर और बिना रजिस्ट्रेशन वाले ई-रिक्शा पर एक्शन को लेकर आज बैठक में फैसला हो सकता है। उल्लेखनीय है कि अब तक सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन जोन 3 के रूट को लेकर हुए हैं।
कल पकड़ी 28 ओवरलोड ई-रिक्शा
कल बने चालानों में 28 चालान ओवरलोड ई-रिक्शा के हैं। तमाम सख्ती और चेकिंग के बाद भी सवारियां लेकर जाने वाले ई-रिक्शा या तो माल ढो रहे हैं या सवारियां क्षमता से अधिक बैठा रहे हैं। कल कुल 1715 चालान बनाए गए है, जिनमें हेलमेट के 1342, नो पार्किंग के 193, मोबाइल के 15, वन वे के 33 और रेड लाइट जम्प के 19 चालान हैं।
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