
इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर (Indore) का भागीरथपुरा इलाका (Bhagirathpura Area) इन दिनों एक भीषण जल त्रासदी (Terrible Water Tragedy) से जूझ रहा है। दूषित पानी (Contaminated Water) पीने से अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग अस्पतालों (Hospital) में भर्ती हैं। इस गंभीर मुद्दे पर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) को पत्र लिखकर प्रशासन की लापरवाही पर कड़े सवाल उठाए हैं।
पत्र की मुख्य बातें और मांगें:
क्या है पूरा मामला?
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा था। जांच में सामने आया कि एक सार्वजनिक शौचालय के पास मुख्य पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण सीवेज का पानी पीने के पानी में मिल गया था। इसके कारण इलाके में डायरिया और उल्टी-दस्त का प्रकोप फैल गया। वर्तमान में करीब 18-20 मौतों की खबर है, जबकि प्रशासन अब तक 7 से 8 मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि कर रहा है।
“वॉटर ऑडिट” की शुरुआत
उमंग सिंघार ने खुद इंदौर की विभिन्न बस्तियों में जाकर पानी की गुणवत्ता की जांच (Water Audit) शुरू कर दी है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इंदौर की जल व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
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