
इंदौर। पेट्रोल-डीजल भरवाने का जो हल्ला तीन दिन पहले मचा था, वह कल नजर नहीं आया और अधिकांश पम्पों पर जहां आसानी से पेट्रोल-डीजल मिल रहा था, वहीं शाम के बाद तो कई पम्पों पर सन्नाटा भी नजर आया। दरअसल, अधिकांश लोगों ने अपनी गाडिय़ों के टैंक फुल करवा लिए और कई गुना अधिक पेट्रोल-डीजल बीते चार दिनों में बिक भी गया। 195 लाख लीटर की खपत इंदौर जिले में हुई।
सोशल मीडिया पर कुछ पम्पों पर भीड़ के फोटो-वीडियो तेजी से वायरल हुए और देखते ही देखते पम्पों पर भीड़ उमडऩे लगी। जबकि प्रशासन और खाद्य विभाग लगातार संदेश देता रहा कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और अफवाहों पर ध्यान ना दें। मगर किसी ने इस पर कान नहीं दिए और अपनी गाडिय़ों के टैंक फुल करवाने की होड़ मच गई। दूसरी तरफ कलेक्टर शिवम वर्मा ने जहां लगातार इस पर निगाहें बनाए रखी, साथ ही खाद्य विभाग ने भी ऑइल कम्पनियों से चर्चा की और मांगलिया डिपो से लगातार पेट्रोल-डीजल के टैंकरों को रवाना किया जाता रहा। यहां तक कि पहले दिन जब हल्ला मचा, उस रात को सभी पम्पों पर रात में ही आपूर्ति करवाई गई। खाद्य नियंत्रक मोहन मारू के मुताबिक, फिलहाल पेट्रोल-डीजल सभी पम्पों पर आसानी से मिलने लगा है। दो-तीन दिन अफवाह और घबराहट के कारण लोगों ने पम्पों पर भीड़ लगाई, जिसके चलते कई गुना अधिक खपत भी दर्ज की गई। कल भी लगभग 32 लाख लीटर पेट्रोल और डीजल की खपत हुई है। वहीं बीते चार दिनों में कुल 195 लाख लीटर पेट्रोल और डीजल खप गया, जिसका मूल्य 200 करोड़ रुपए से अधिक होता है। यानी अपनी गाडिय़ों में इंदौरियों ने इतनी राशि का डीजल और पेट्रोल भरवा लिया। दूसरी तरफ घरेलू सिलेंडरों की भी मांग घट गई और पीएनजी कनेक्शनों के आवेदन लगातार बढऩे लगे हैं। मगर कमर्शियल सिलेंडरों की मारामारी अभी भी अवश्य है, क्योंकि इसकी आपूर्ति मांग के मुताबिक नहीं हो पा रही है। दूसरी तरफ इंदौर सहित प्रदेशभर में 2800 से ज्यादा सिलेंडरों की जब्ती भी की गई और 9 मामलों में एफआईआर दर्ज करवाई।
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