चोरल और बड़वाह सीमा पर साढ़े छह हजार हेक्टेयर भूमि पर बनाने की है योजना
इंदौर। वन विभाग (Forest Department) द्वारा रालामंडल अभयारण्य (Ralamandal Sanctuary) की तरह एक और सेंचुरी (Century) बनाने के लिए 6 माह पहले ही भोपाल (Bhopal) फाइल भेज दी गई थी, लेकिन अभी तक वहां से हरी झंडी नहीं मिलने के कारण मामला अधर में है। इंदौर में देवी अहिल्याबाई सेंचुरी (Devi Ahilyabai Century) बनाने के लिए प्रोजेक्ट (Project) बनाया गया है। इसके लिए चोरल (Choral) में 3690 हेक्टेयर तथा बड़वाह सीमा से लगी लगभग 3 हजार हेक्टेयर जमीन फाइनल की गई है। वन विभाग द्वारा इस संबंध में प्रोजेक्ट बनाकर सीधे वाइल्ड लाइफ बोर्ड को छह माह पहले फाइल मंजूरी के लिए जा चुकी है। इस बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं। हैरत की बात यह है कि अभी तक इस बोर्ड की बैठक ही नहीं हुई है तो सेंचुरी बनाने की फाइल पर चर्चा होना कोसों दूर है। अगर वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में मंजूरी मिल जाएगी तो फिर राज्य सरकार और फिर वहां से केंद्र सरकार को फाइल भेजी जाएगी। दोनों जगह से अनुमति मिलने के बाद सेंचुरी बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ढाई करोड़ का खर्च होगा
वन विभाग (Forest Department) द्वारा सेंचुरी बनाने के लिए ढाई करोड़ रुपए से अधिक खर्च किया जाएगा। इसमें बाउंड्रीवाल के अलावा बड़ी संख्या में पौधे भी लगाए लगाए जाएंगे। रालामंडल अभयारण्य की तरह ही यहां भी विभिन्न प्रकार के पशु पक्षियों के अलावा नीलगाय, हिरण, सियार लाए जाएंगे।
सीधे भोपाल भेज दी थी फाइल
नियमानुसार सेंचुरी बनाने के लिए वन विभाग द्वारा जमीन फाइनल कर कलेक्टर के यहां अनुमोदन के लिए फाइल भेजी जाती है, लेकिन प्रशासन द्वारा वन विभाग को जवाब दिया गया था कि इंदौर में योजना समिति अस्तित्व में ही नहीं है, इसलिए अधिकारियों ने फाइल सीधे भोपाल भेज दी थी।
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