
इंदौर। बीते हफ्तेभर से मध्यप्रदेश भू-अभिलेख पोर्टल (Madhya Pradesh Land Records Portal) बंद था, क्योंकि उसके अपडेशन का कार्य चल रहा था, अब पूरा हो गया है और कल इस नए पोर्टल जीआईएस-2.0 को लॉन्च भी कर दिया गया। इसके माध्यम से अब इंदौर (Indore) सहित प्रदेशभर की जमीनों (Land) की जानकारी और उनसे जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएंगे, जिसमें सरकारी के साथ-साथ सभी निजी जमीनें भी शामिल रहेंगी। इंदौर कलेक्टर द्वारा जो राजस्व का महाअभियान (Grand Revenue Campaign) चलाया उसकी समय सीमा भी इसी कारण बढ़ाना पड़ी, क्योंकि पोर्टल बंद था।
प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल के मुताबिक अब इस नए पोर्टल की गुणवत्ता और उपयोगिता को बढ़ा दिया है। आयुक्त राजस्व श्रीमती नुभा श्रीवास्तव के मुताबिक राजस्व विभाग ने नवीन पोर्टल 2.0 को पहले नरसिंहपुर और सिवनी जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित किया गया था। इसके सफल संचालन के बाद 30 जुलाई, 2025 से राज्य स्तर पर लागू किया गया है। भूलेख के नये वर्जन के आने से नागरिकों को कम समय में अधिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। वेब जीआईएस 2.0 में वेब पोर्टल के साथ-साथ मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराया गया है। अब नागरिक खसरे की प्रमाणित प्रतिलिपि व्हाट्स ऐप के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं। नवीन पोर्टल में ओटीपी आधारित ई-केवाईसी सुविधा भी उपलब्ध होगी। नवीन भूलेख पोर्टल पर नागरिक एक ही आवेदन द्वारा अनेक भू-अभिलेखों का चयन कर इन अभिलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त कर सकेंगे। राजस्व आयुक्त ने बताया कि वेब जीआईएस 1.0 की मौजूदा कार्य-क्षमता में सुधार के लिये नवीन वर्जन में पुराने सर्वर/स्टोरेज को प्रतिस्थापित कर नवीन तकनीकी सर्वर्स स्थापित किये गये हैं इससे जनता की समस्या का त्वरित निराकरण हो सकेगा।
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