
हजारीबाग। झारखंड हाई कोर्ट ने हजारीबाग के बिष्णुगढ़ में 12 साल की लड़की के साथ रेप के बाद उसकी हत्या के मामले का सोमवार को स्वतः संज्ञान लिया। कोर्ट ने राज्य के गृह सचिव, DGP और हजारीबाग के SP को इस मामले में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की बेंच ने लड़की के साथ रेप और निर्मम हत्या के बारे में 29 मार्च को छपी एक खबर पर संज्ञान लिया। अधिवक्ता हेमंत कुमार शिकारवार ने कोर्ट में इस मामले को उठाया और बेंच को सूचित किया कि पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि पीड़ित की मां, जो एक ईंट भट्ठे में दिहाड़ी मजदूर है, को मामले में सबूतों से छेड़छाड़ करने की धमकी दी जा रही है।
हाई कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से एक नाबालिग लड़की के साथ रेप करने और उसपर प्रहार करने के मामले को गंभीरता से लिया। अदालत के निर्देश पर हजारीबाग के SP अंजनी अंजन वर्चुअली पेश हुए। एसपी ने बताया कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। अदालत ने एसपी से सवाल किया कि FIR दर्ज करने के 5 दिन बाद भी आरोपी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा सका।
दरअसल, लड़की 24 मार्च की रात को अपनी मां के साथ राम नवमी के अवसर पर निकाली गई ‘मंगला’ शोभायात्रा देखने के लिए बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के अपने पैतृक गांव गई थी। पीड़िता के परिजनों ने FIR में आरोप लगाया कि उसका अपहरण किया गया था और उसका शव 25 मार्च को गांव के एक खेत में मिला था।
झारखंड की DGP तदाशा मिश्रा ने रविवार को कहा था कि मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT का गठन किया गया है। SIT को एक हफ्ते के भीतर अबतक की गई कार्रवाई के विवरण सहित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। इस बीच, विपक्षी भाजपा ने इस घटना के विरोध में हजारीबाग में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया। थोक विक्रेताओं के साप्ताहिक बंद के कारण जिले में दुकानें और अन्य खुदरा प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं और शैक्षणिक संस्थान व बैंक सहित वाणिज्यिक प्रतिष्ठान खुले रहे।
हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि बंद सफल रहा, क्योंकि व्यापारियों ने स्वेच्छा से इस उद्देश्य के लिए अपनी दुकानें बंद कीं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि अगर प्रशासन अगले दो दिनों में दोषियों को पकड़ने में विफल रहता है तो वे 3 अप्रैल को झारखंड बंद का आह्वान करेंगे।
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