
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा हाल ही में इंदौर में फूड एण्ड ड्रग लैब के उद्घाटन अवसर पर मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उन्हीं निर्देशों के अनुपालन में आज कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में जिला प्रशासन, खाद्य औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जवाहर मार्ग वेयर हाउस रोड़ स्थित जयश्री मर्चेंट के गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया। उक्त प्रतिष्ठान के प्रोपराईटर अमित गोगिया होना पाए गए। उक्त परिसर में खाद्य पदार्थ सौंफ एवं खसखस का भंडारण विक्रय हेतु एकत्रित किया जाना पाया गया।
सौंफ की प्रारंभिक जाँच करने पर कलर मिले होने की आशंका के आधार पर तथा खसखस भी अमानक स्तर के होने की प्रतीत होने पर दोनों खाद्य पदार्थों के नमूने खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत जांच हेतु लिए गए। परिसर में लगभग 900 किलोग्राम सौंफ एवं लगभग 400 किलोग्राम खसखस जप्त की गई। उक्त फर्म के गोदाम का खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीयन ना होने के कारण, गोदाम को आगामी आदेश तक बंद कराया गया।
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कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लिए गए सभी नमूनों को विस्तृत जाँच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, जिनकी विश्लेषण रिपोर्ट प्राप्ति उपरांत अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
उपभोक्ता कैसे करें मिलावटी सौंफ और खसखस की पहचान
उपभोक्ता अपने घर पर ही मिलावटी सौंफ और खसखस की पहचान आसान तरीके से कर सकते हैं, सौंफ को हाथ में लेकर रगड़ने पर यदि हाथ में बहुत ही गहरा हरा रंग आ रहा है तो इसमें कलर की मिलावट हो सकती है, यदि हल्का हरा रंग है तो यह प्राकृतिक है। इसके अलावा खसखस को पानी से भरे पारदर्शी गिलास में डालें, शुद्ध खसखस इसकी तली में बैठ जाएगी और खसखस में मिली हुई अशुद्धियां तैरने लगेगी और पानी का रंग दूधिया हो जाएगा।
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