
वॉशिंगटन/तेहरान. होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों (Ships) पर क्या अब ईरान (Iran) नया टैक्स (New tax) लगाने जा रहा है? और क्या अमेरिका के साथ होने वाला संभावित शांति समझौता फिर से अनिश्चितता में फंस गया है?
अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ एक समझौता करने जा रहे हैं। इस समझौते की मुख्य शर्त यह है कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य बिना किसी टैक्स या टोल के खोलना होगा। जैसे ही ईरान इसे खोलेगा, अमेरिका अपनी समुद्री पाबंदियां हटा लेगा। इसके बाद समुद्र से बारूदी सुरंगें हटाने का काम शुरू होगा। इस काम में ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देश भी मदद करेंगे।
नेतन्याहू बोले- हम किसी डील का हिस्सा नहीं बनेंगे
इस बीच पश्चिम एशिया से जुड़ी एक बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते को लेकर चल रही चर्चाओं में इस्राइल की कोई भागीदारी नहीं है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि उनका देश इस समझौता वार्ता का हिस्सा नहीं बनेगा और किसी भी प्रस्तावित डील में शामिल नहीं होगा।
ईरान से जुड़े 24 घंटे में 4 बड़े अपडेट्स
पिछले 24 घंटे में ईरान से जुड़े कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं, जिनमें अमेरिका के साथ संभावित समझौते से लेकर रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण तक के मुद्दे शामिल हैं। इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
1. समझौते की शर्तों पर अटकलों से बचने की अपील
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते को लेकर दोनों पक्ष पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं। उन्होंने मीडिया और विश्लेषकों से अपील की कि वे समझौते की शर्तों को लेकर किसी भी तरह की अटकलें न लगाएं।
2. जिनेवा डील साइन की खबरें खारिज
तेहरान ने स्पष्ट किया है कि 14 जून को जिनेवा में किसी समझौते पर हस्ताक्षर होने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। ईरान ने कहा कि फिलहाल प्रक्रिया जारी है और कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
3. भारतीय जहाजों पर हमलों को लेकर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने एक बार फिर अमेरिकी राजनयिक को तलब कर उन घटनाओं पर कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिनमें भारतीय नाविकों से जुड़े जहाजों पर हमले की बात सामने आई है। भारत ने इन घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है।
4. होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का सख्त रुख
ईरानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर देश का पूरा नियंत्रण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी जहाज को ईरान की अनुमति के बिना इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अमेरिका के साथ समझौते पर असमंजस बरकरार
ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर अभी कोई अंतिम तारीख तय नहीं हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरानी बातचीत टीम के अगले कुछ दिनों में जिनेवा या इस्लामाबाद जाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें अभी समझौते के हस्ताक्षर की सही तारीख का इंतजार करना होगा। बघाई ने यह भी साफ किया कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि समझौता अगले कुछ दिनों में संभव है, लेकिन अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनके अनुसार, पाकिस्तान की मध्यस्थता से तैयार हो रहे इस समझौते का उद्देश्य युद्ध को रोकना है, लेकिन इसमें फिलहाल परमाणु मुद्दा शामिल नहीं है।
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर शुल्क लगा सकता है ईरान, US से समझौते पर अनिश्चितता बरकरार
ईरान ने संकेत दिया है कि वह रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर नए नियम लागू कर सकता है। इसके तहत जहाजों से सेवाओं के बदले शुल्क वसूले जाने की संभावना भी जताई गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह कदम समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। प्रवक्ता के अनुसार, ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की निगरानी को और मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यहां से गुजरने वाले जहाजों को दी जाने वाली सेवाओं के लिए शुल्क प्रणाली लागू की जा सकती है।
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