
नई दिल्ली. मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी तनाव के बीच ईरान (Iran) ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है. ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (मोजतबा खामेनेई) के सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई (Mohsin Razai) ने दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का प्रबंधन और उस पर कंट्रोल करना तेहरान का कानूनी अधिकार है.
रजाई का कहना है कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ऐसा कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का कंट्रोल फारस की खाड़ी में पिछले 50 सालों से चली आ रही असुरक्षा को पूरी तरह खत्म करता है.’
मोहसिन रजाई ने अमेरिका और विरोधी देशों को चेतावनी भी दी है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान को किसी भी तरह से डराने या धमकाने की कोशिश की गई, तो वो NPT (Nuclear Non-Prolifiration Treaty) से बाहर निकल सकता है.
‘हम एनपीटी से हट गए तो…’
रजाई कहते हैं, ‘अगर आप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हमला करने और फारस की खाड़ी में घुसने का फैसला करते हैं, तो सबसे पहले आपको दर्दनाक जवाब का सामना करना पड़ेगा. इससे भी बड़ी बात मैं आपको बता दूं कि हम एनपीटी (परमाणु हथियारों के अप्रसार की संधि) से खुद को अलग कर सकते हैं. क्या आप जानते हैं कि इस धमकी का क्या मतलब है? अगर हम एनपीटी से हट गए तो आपका क्या हश्र होगा? इसलिए इस रास्ते से पीछे हट जाएं.’
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार युद्ध खत्म करने के लिए समझौते की कोशिशों में जुटे हैं. अमेरिका का कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है और ये दावा भी है कि ईरान यूरेनियम सौंपने पर सहमत हो गया है. लेकिन ईरान इन दावों को लगातार खारिज कर रहा है.
ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि अमेरिका और ईरान ने एक शांति समझौते के मसौदे (MoU) पर काफी हद तक बातचीत पूरी कर ली है. इस समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोला जाएगा. हालांकि, ईरान ने अब तक इस पर मोहर नहीं लगाई है.
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