
बांकीपुर: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार अभिषेक सिन्हा (Abhishek Sinha) ‘बंटी’ ने चुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया है. उन्होंने इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को पत्र लिखकर चुनाव नहीं लड़ पाने की जानकारी दी. अपने पत्र में अभिषेक सिन्हा ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने में असमर्थता जताई है.
गौरतलब है कि उन्होंने एक दिन पहले ही अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था. हालांकि, नामांकन वापस लेने के फैसले पर बीजेपी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. अभिषेक कुमार सिन्हा ने कहा, ‘पारिवारिक कारणों से मैं विधानसभा उपचुनाव लड़ने में असमर्थ हूं. मैं पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पहले की तरह अपनी जिम्मेदारियां निभाता रहूंगा.”
उन्होंने कहा, ‘मैंने अभी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को एक पत्र सौंपा है, जिसे अब मैं आप सभी के सामने पढ़ रहा हूं. भारतीय जनता पार्टी ने मुझे बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में एनडीए उम्मीदवार के रूप में चुना था. इसके लिए मैं पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं. मैं विनम्रतापूर्वक सूचित करना चाहता हूं कि पारिवारिक कारणों से मैं विधानसभा उपचुनाव लड़ने में असमर्थ हूं. मैं पार्टी के एक निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में पहले की तरह संगठन की सेवा करता रहूंगा.’
गुरुवार को ही दाखिल किया था नामांकन
बता दें कि बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने गुरुवार को ही अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था. बीजेपी ने मंगलवार को युवा विंग के नेता को बिहार की इस विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया था. यह सीट पार्टी के नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. उपचुनाव 30 जुलाई को होगा और वोटों की गिनती 3 अगस्त को की जाएगी. वहीं, नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई है.
अभिषेक कुमार सिन्हा के नामांकन के दौरान एनडीए के वरिष्ठ नेता मौजूद थे, जिनमें जेडी(यू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, एलजेपी (आरवी) की सांसद शांभवी चौधरी, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और वरिष्ठ बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद शामिल थे. लेकिन अभिषेक सिन्हा ने नामांकन वापस क्यों लिया, इसे लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
क्यों अहम है बांकीपुर उपचुनाव?
बांकीपुर उपचुनाव अपने चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों के कारण भी अहम बन गया है. देशभर में कई मुख्यमंत्रियों और पार्टियों को सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाने वाले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) खुद इस मैदान से ताल ठोक रहे हैं वह और घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं.
वीना मानवी भी हैं मैदान में
वहीं, पुरुष अधिकार संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता वीना मानवी भी बांकीपुर सीट से लड़ रही हैं. समाज में अपनी बेबाक छवि और सामाजिक मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहने वाली वीना मानवी ने तेज प्रताप यादव की पार्टी से किस्मत आजमा रही है. लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की नई पार्टी जनशक्ति जनता दल से चुनाव लड़ रही वीना मानवी की नजर ओबीसी से लेकर दलित और अल्पसंख्यक वोटों पर है, जिसका विश्वास जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved