
नई दिल्ली. इजरायल (Israel) और ईरान (Iran) के बीच चल रहा संघर्ष अब परमाणु ठिकानों (Nuclear bases) तक पहुंच गया है. नतांज पर पर इजरायली हमले के बाद अब ईरान ने जबरदस्त पलटवार किया है. इजरायली सेना (IDF) ने पुष्टि की है कि शनिवार को ईरान द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजरायल के अराद और डिमोना (Dimona) शहर पर हमले कर दिए..
शनिवार को ही अमेरिका-इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े परमाणु केंद्र नतांज पर एयरस्ट्राइक की थी और अब अराद और डिमोना में हुए मिसाइल हमले को इसी के पलटवार के रूप में देखा जा रहा है. गौर करने वाली बात ये है कि डिमोना शहर में इजरायल का अत्यंत संवेदनशील परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है. इजरायल की आपातकालीन चिकित्सा सेवा, मैगन डेविड एडम (MDA) के अनुसार, हमले के तुरंत बाद उनकी टीमें राहत कार्य में जुट गई हैं.
डिमोना के विभिन्न हिस्सों में लगभग 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं जिसकी पुष्टि इजरायल के विदेश मंत्रालय ने की है.. इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें ईरानी मिसाइल डिमोना में एक जगह पर गिरती हुई नजर आ रही है. अधिकांश लोग मिसाइल के छर्रों, बंकरों की ओर भागते समय गिरने के कारण घायल हुए हैं. इनमें से एक 10 साल का लड़का है, जिसकी हालत मध्यम है और उसे छर्रे लगे हैं.
The Iranian regime devastated Arad and Dimona by deliberately striking civilians with missiles. Over 100 people were injured, including children. A blatant war crime. Pure terrorism. pic.twitter.com/e0kpFpdZ6n
— Israel Foreign Ministry (@IsraelMFA) March 21, 2026
कई मायनों में अहम है डिमोना शहर
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा है कि इजरायल के डिमोना शहर में मिसाइल गिरने की घटना की जानकारी एजेंसी को है लेकिन नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को किसी नुकसान का संकेत नहीं मिला है. IAEA के अनुसार, क्षेत्र के देशों से मिली जानकारी में कहीं भी असामान्य रेडिएशन स्तर दर्ज नहीं किया गया है. एजेंसी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.
इजरायली अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि ईरानी मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को भेदकर दक्षिणी शहर डिमोना तक कैसे पहुंची.डिमोना से करीब 13 किलोमीटर दूर एक परमाणु सुविधा है, जिसे लंबे समय से इजरायल के अघोषित परमाणु हथियार भंडार से जुड़ा माना जाता है.
आधिकारिक तौर पर कहा जाता है कि यह केंद्र केवल रिसर्च के लिए है, लेकिन लगभग छह दशकों से यह माना जाता है कि इजरायल ने यहीं परमाणु बम विकसित किया था. ऐसे में इस इलाके को निशाना बनाए जाने को इजरायल बेहद गंभीरता से ले रहा है.
परमाणु ठिकानों पर ‘बदले’ की जंग
ईरान के सरकारी टीवी ने इस हमले को नतांज (Natanz) परमाणु परिसर पर हुए इजरायली हमले का ‘करारा जवाब’ बताया है. इससे पहले ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा था कि नतांज संवर्धन परिसर को निशाना बनाया गया था, हालांकि वहां किसी रेडियोधर्मी रिसाव (Radioactive Leakage) की खबर नहीं है.
अब ईरान ने सीधे इजरायल के परमाणु शहर को निशाना बनाकर युद्ध को एक नई और विनाशकारी दिशा में धकेल दिया है. इस हमले के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है और दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव तेज होता जा रहा है. स्थिति को देखते हुए पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.
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