
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले पाकिस्तान के शहजाद भट्टी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि 14 राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियानों के तहत 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया और आतंकी हमलों की उसकी योजनाओं को नाकाम किया गया।
शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया और उसके विध्वंसक हमलों की योजनाओं को विफल कर दिया। गृह मंत्री के अनुसार, अभियान के दौरान इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और कथित तौर पर जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सीसीटीवी कैमरे बरामद किए गए।
गृह मंत्री शाह ने कहा कि देशभर में की गई यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ भारत की “जीरो टॉलरेंस” नीति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था।
यह कार्रवाई देश के कई हिस्सों में भट्टी से जुड़े मॉड्यूल की जांच के बीच हुई है। 25 जुलाई को असम पुलिस ने बताया था कि उसकी स्पेशल टास्क फोर्स ने धुबरी, चिरांग और बारपेटा पुलिस के साथ मिलकर पाकिस्तान स्थित नेटवर्क से कथित तौर पर जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। खुफिया जानकारी मिलने के बाद 24 जुलाई को यह कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने अभियान के दौरान पांच मोबाइल फोन, सात सिम कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, डेबिट कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए थे।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रणब कुमार पेगू ने कहा था कि यह नेटवर्क कथित तौर पर भर्ती, ऑनलाइन कट्टरपंथ, रेकी, लॉजिस्टिक्स, जासूसी, अवैध तरीके से हथियार हासिल करने, स्लीपर सेल बनाने और भारत के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में मदद करने में शामिल था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि यह नेटवर्क एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों के जरिए इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस से जुड़े पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के निर्देश पर काम करता था। पेगू के अनुसार, जांच में कई फ्रंट संगठनों से भी इसके संबंध सामने आए थे। इनमें खालिस्तान आर्म्ड फोर्स, पंजाब सॉवरेनिटी अलायंस, खालिस्तान लिबरेशन आर्मी, शेर-ए-पंजाब ब्रिगेड, यूनाइटेड सिख ब्रदरहुड, सिख टाइगर्स ऑफ खालिस्तान और तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान शामिल हैं।
आरोप है कि इन संगठनों का इस्तेमाल नेटवर्क की संरचना और उसके सीमा पार संबंधों को छिपाने के लिए किया जाता था। पेगू ने आगे कहा था कि टीटीएच ने 22 फरवरी और 24 मई 2026 को पंजाब पुलिस के दो कर्मियों की लक्षित हत्या की जिम्मेदारी ली थी। असम के अधिकारियों को नलबाड़ी में एक जांच के दौरान पहली बार इस नेटवर्क का पता चला था, जिसके बाद 22 मई को एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
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