भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की डॉ मोहन यादव (Mohan Yadav) सरकार लगातार उधारी लेकर प्रदेश को कर्ज के बोझ में धकेल रही है। पटवारी ने कहा कि यदि कर्ज की कोई नदी होती तो सरकार उसमें बार-बार डुबकी लगाती।
दरअसल राज्य सरकार 10 मार्च को 5,800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने जा रही है। यह रकम तीन किश्तों—1900 करोड़, 1700 करोड़ और 2200 करोड़ रुपये—में ली जाएगी। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिए गए कर्ज की संख्या 19वीं बार हो जाएगी।
एक्स पर जताई नाराजगी
पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि प्रदेश में “एक और नया दिन और एक नया कर्ज” की स्थिति बन गई है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत भी कर्ज से हुई थी और अंत भी कर्ज के साथ हो रहा है।
‘राजनीतिक अय्याशी की कीमत जनता चुका रही’
पटवारी ने सरकार पर हमला तेज करते हुए कहा कि प्रदेश को यह सोचना चाहिए कि सरकार की राजनीतिक अय्याशी की कीमत आखिर कब तक जनता चुकाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े नेताओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा होनी चाहिए और इस पर श्वेत पत्र जारी किया जाना चाहिए।
साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों की आय लगातार घट रही है और गेहूं से जुड़े सौदों के कारण किसानों को नुकसान हो रहा है, जिसकी भी जांच होनी चाहिए।
इस साल 85 हजार करोड़ तक पहुंचेगा कर्ज
सरकार द्वारा लिए जाने वाले नए कर्ज के बाद चालू वित्तीय वर्ष में कुल उधारी 85 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। इसके साथ ही राज्य पर कुल कर्ज बढ़कर 5.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
भारतीय रिजर्व बैंक के तय कार्यक्रम के अनुसार यह इस वित्तीय वर्ष का आखिरी कर्ज माना जा रहा है। सरकार जनवरी से अब तक पांच बार उधारी ले चुकी है।
12 महीनों में 19 बार उधारी
वित्तीय वर्ष के दौरान मध्य प्रदेश सरकार ने मई में ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपये के दो कर्ज लिए थे। इसके बाद मार्च के पहले सप्ताह तक 18 बार उधारी ली जा चुकी थी, जिसकी कुल राशि 79,200 करोड़ रुपये थी। अब 5,800 करोड़ रुपये के नए कर्ज के साथ यह आंकड़ा 85 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
पिछले वित्तीय वर्ष के अंत यानी 31 मार्च 2025 तक प्रदेश पर कुल कर्ज 4,21,740 करोड़ रुपये था।
दूसरे राज्य भी ले रहे कर्ज
सरकारी बॉन्ड की नीलामी के जरिए कर्ज लेने की यह प्रक्रिया केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। कई राज्य Reserve Bank of India के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के माध्यम से उधारी ले रहे हैं। इस नीलामी में विभिन्न राज्य मिलकर 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज उठाएंगे। इनमें कर्नाटक करीब 10 हजार करोड़ और तमिलनाडु लगभग 8 हजार करोड़ रुपये की उधारी लेने की तैयारी में हैं।
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