
नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central government) की कई योजनाएं हैं जिसके तहत लोगों को क्रेडिट कार्ड (Credit Card) मुहैया कराया जाता है। ऐसी ही एक योजना किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) (केसीसी) है। इस योजना के तहत किसानों को अलग-अलग फसल के लिए बैंक की ओर से क्रेडिट कार्ड दिया जाता है। सरकार का मकसद है कि पैसे की कमी की वजह से किसानों की खेती या अन्य गतिविधियों पर ब्रेक ना लगे।
कब हुई थी शुरुआत
वैसे तो इसकी शुरुआत साल 1998 में हुई थी लेकिन समय के साथ इसे मोडिफाई किया गया। साल 2019 में, केसीसी योजना को इससे जुड़ी गतिविधियों, जैसे पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन की वर्किंग कैपिटल आवश्यकताओं को कवर करने के लिए विस्तारित किया गया था। आइए किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट समेत अन्य डिटेल से जान लेते हैं।
कितनी है लिमिट
लाभार्थी को संशोधित ब्याज सहायता योजना के अंतर्गत भारत सरकार बैंकों को 7% प्रति वर्ष की दर से 3 लाख रुपये तक के शार्ट टर्म वर्किंग कैपिटल लोन प्रोवाइड करने के लिए 1.5% की ब्याज सहायता प्रदान करती है। इसके अलावा, समय पर लोन चुकाने पर किसानों को 3% का त्वरित री-पेमेंट प्रोत्साहन भी दिया जाता है। इसलिए, किसानों के लिए प्रभावी ब्याज दर 4% है। केंद्रीय बजट 2025-26 में सरकार ने केसीसी के माध्यम से लिए गए लोन को संशोधित ब्याज छूट योजना (एमआईएसएस)के अंतर्गत लोन की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की थी। प्रोसेसिंग चार्ज की बात करें तो 3 लाख रुपये तक के लोन पर शून्य है।
क्या-क्या दस्तावेज हैं जरूरी
योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड अनिवार्य है। पहचान पत्र, पता प्रमाण, भूमि दस्तावेज, फोटो और बैंक खाता विवरण होना जरूरी है। एक स्व-घोषणा पत्र भी देना होगा कि अन्य बैंक से डिफॉल्ट नहीं है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया fasalrin.gov.in या jansamarth.in पर है। वहीं, ऑफलाइन अप्लाई करने के लिए बैंक ब्रांच जाना होगा।
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