1. घेरदार है लहंगा उसका, एक टांग से रहे खड़ी। सबको उसी की इच्छा होती, हो बरखा या धूप कड़ी।
उत्तर. छतरी
2. छीलो तो छिलका नहीं, काटो तो गुठली नहीं। खाओ तो गूदा नहीं।
उत्तर. बर्फ़
3. हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। लाला जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।
उत्ततर. भुट्टा
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