
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में कोलकाता (Kolkata) के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल (Chorbagan public Durga Puja pandal) में शनिवार शाम मची भगदड़ (Stampede) से खुशियों का माहौल पलभर में मातम में बदल गया। घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि महासप्तमी पर पंडाल और पंडाल के बाहर काफी भीड़ थी। तेज बारिश शुरू होते ही लोग बारिश से बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे और पंडाल में भीड़ बढ़ती गई। इसी दौरान लकड़ी से बना एक ढांचा ढहने से भगदड़ मच गई। हालांकि, ढांचा किस वजह से गिरा, इसकी जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि भगदड़ के दौरान लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। घटना में मेरी बेटी और पोती भी घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि प्रवेश द्वार पर करीब डेढ़ घंटे से लंबी कतार लगी थी। बारिश हो रही थी, इसलिए लोग अंदर जाने की जल्दी में थे। जगह काफी संकरी थी।
प्रवेश द्वार संकरा और बेहद कम लाइट
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि प्रवेश द्वार बेहद संकरा था और वहां ठीक से लाइटिंग की भी व्यवस्था नहीं थी। यह बताने वाले की बेटी और नातिन अस्पताल में भर्ती है। एक अन्य शख्स ने बताया कि जो लोग बेहोश हो गए थे उन्हें मोटरसाइकल से अस्पताल पहुंचाया गया।
जांच एसटीएफ को सौंपी गई
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे और भर्ती मरीजों की हालत का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के लिए सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने को कहा। हादसे की जांच एसटीएफ को सौंपी गई है।
‘लाउडस्पीकर पर की गई घोषणा हुई घटना’
मुख्यमंत्री ने बताया कि मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसारघटना पूजा आयोजकों द्वारा लाउडस्पीकर पर की गई एक घोषणा के कारण हुई। साथ ही यह भी बताया कि निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा सीटी बजाए जाने से वहां पंडाल में जाने का इंतजार कर रहे लोगों के बीच भगदड़ मच गई।
भगदड़ के कारण हुई मौतों की दुखद घटना से गहरा आघात लगा है। मैं मां दुर्गा से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति दें। घायलों को जल्द स्वस्थ करें और शोक संतप्त परिवारों को इस भारी दुख को सहने की शक्ति और सांत्वना प्रदान करें। -नितिन नवीन, भाजपा अध्यक्ष
मां को आंखों के सामने मरते देखा
भगदड़ में बचे 25 वर्षीय सोनू पाल ने बताया कि मेरी मां मेरी आंखों के सामने मर गई। रोते हुए सोनू ने कहा कि हो सकता है कि मैं भी न बच पाता।
दुर्गा पूजा कमेटी के पदाधिकारियों का इस्तीफा
दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ और अफरा-तफरी की घटना के बाद हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति के महासचिव जयंत बनर्जी और कार्यकारिणी के तमाम पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। घटना के बाद से ही पूजा समिति और स्थानीय प्रबंधन पर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। आयोजकों को हिरासत में ले लिया गया है।
‘ध्वनि से परे’ थीम वाले पूजा पंडाल में चीख-पुकार
चोरबगान सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति ने इस वर्ष अपने पूजा पंडाल की थीम ‘आर्ब’ रखी थी। इसका भावार्थ ‘ध्वनि से परे’ है। इस अवधारणा के जरिये ध्वनि की परिचित सीमाओं से आगे बढ़कर मौन की गहराई को दर्शाने का प्रयास किया गया। पंडाल को 360 डिग्री की अवधारणा के आधार पर तैयार किया गया। हालांकि, इसी पंडाल में हादसे के बाद काफी देर तक चीख-पुकार मची रही।
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