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तीन साल में खूब पिछड़े, एक हफ्ते में ही लहरा दिया परचम

October 22, 2026

  • जहां चाह, वहां राह,तीन साल बाद सीएम हेल्पलाइन में जबलपुर नम्बर वन,कलेक्टर बोले,टीम वर्क ने किया मुम्किन

जबलपुर। जितने वक्त में अफसर अमूमन जिले का कामकाज और व्यवस्थाएं समझने में लगाते हैं, उतने समय में जबलपुर के नवागत कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने बड़ा करिश्मा कर दिखाया। जिस शीर्ष मुकाम को पाने के लिए बीते 3 साल से जिले का समूचा प्रशासनिक अमला लगातार पसीना बहा रहा था, उसे नए मुखिया ने पदभार संभालते ही मुमकिन कर दिया। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी सीएम हेल्पलाइन की सितंबर 2026 की मासिक जिलावार ग्रेडिंग में जबलपुर ने समूचे 55 जिलों को पछाड़कर 88.46 के वेटेज स्कोर और शीर्ष ्र रेटिंग के साथ पहला स्थान कब्जाया है। दतिया दूसरे, उज्जैन तीसरे, रायसेन चौथे और बड़वानी पांचवें स्थान पर दर्ज हुआ। जनता की समस्याओं के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निराकरण में प्रदेश की राजधानी भोपाल का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक साबित हुआ। भोपाल 76.25 के न्यूनतम अंक पाकर 55वें यानी सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई। प्रशासनिक कसावट के बूते जबलपुर संभाग ने प्रदेश भर में अपनी सर्वोच्च श्रेष्ठता सिद्ध कर दी।


  • चार पैमानों पर तय हुआ सफलता का पैमाना
    प्रशासनिक टीम ने जनहित से जुड़े आवेदनों के निपटारे में मजबूत तकनीकी पकड़ दिखाई। जिले में समीक्षा अवधि के भीतर पोर्टल पर कुल 14148 शिकायतें दर्ज हुई थीं। इनमें मासिक अवधि के समाधान हेतु 1392 मामले बाकी रह गए थे। 50 दिन से अधिक अवधि से अटके आवेदनों की तादाद 2469 रही, जिससे निराकरण की कुल शेष संख्या 3861 तक पहुंची। तय सरकारी फार्मूले के अनुसार 60 प्रतिशत भारांक वाली संतुष्टि से बंद श्रेणी में जिले के खाते में 52.91 अंक जुड़े। 20 प्रतिशत वेटेज वाली 50 दिवस से अधिक पुरानी लंबित श्रेणी में 15.67 अंक मिले। इसी तरह निम्न गुणवत्ता से बंद शिकायतों के 10 प्रतिशत अधिभार में 9.94 अंक तथा नॉट-अटेंडेड श्रेणी के 10 प्रतिशत भारांक में 9.94 अंक हासिल कर जिले ने सभी मानक साध लिए।

    छोटे जिलों ने बढ़ाई धड़कन, बड़े शहर फिसले
    दतिया ने 5058 प्रकरणों में 88.15 अंक जुटाकर दूसरा पायदान सुरक्षित किया। उज्जैन 8999 मामलों में 86.41 अंक लेकर तीसरे क्रम पर रहा। रायसेन 7648 आवेदनों के बीच 86.39 स्कोर पाकर चौथे स्थान पर जमा। बड़वानी 2481 समस्याओं पर 86.25 अंक लेकर पांचवें क्रम पर आया। इसके अलावा सिंगरौली 7513 शिकायतों पर 85.87 अंक पाकर छठवें, डिंडोरी 85.79 अंक लेकर सातवें, सीहोर 85.72 अंक पाकर आठवें, छिंदवाड़ा 85.40 अंक लेकर नौवें और गुना 85.13 अंक लेकर दसवें क्रम पर दर्ज हुआ।

    सबकी मेहनत से आये नतीजे
    इसमें चमत्कार जैसा कुछ नहीं है। हमने योजना बनाई और पूरी टीम ने एक साथ मिलकर काम किया। लगातार मॉनिटरिंग हुई, सभी अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं से सीधे बात कर समाधान निकाला। जमीन पर सही ढंग से रणनीति लागू करने की बदौलत ही आज यह शानदार परिणाम सामने आया है।
    अरुण कुमार विश्वकर्मा, कलेक्टर

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